Motilal Oswal ELSS Tax Saver Fund ने पिछले 6 महीनों में **8.7%** का जबरदस्त रिटर्न देकर अपने साथियों को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, निवेशकों को इस फंड के लंबी अवधि के प्रदर्शन और ELSS स्कीम्स के **3 साल** के लॉक-इन पीरियड को भी ध्यान में रखना चाहिए।
क्या हुआ?
Motilal Oswal ELSS Tax Saver Fund ने 24 जून तक पिछले छह महीनों में 8.7% का रिटर्न दर्ज करके इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स (ELSS) में टॉप पोजीशन हासिल की है। इस दौरान फंड ने Quant ELSS Tax Saver Fund ( 6.6% रिटर्न) और HSBC ELSS Tax Saver Fund ( 2.2% रिटर्न) जैसे प्रमुख साथियों को पीछे छोड़ दिया। यह डेटा उन फंड्स पर केंद्रित है जिनकी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹1,500 करोड़ से ज्यादा है।
अलग-अलग टाइमफ्रेम पर प्रदर्शन
फंड का हालिया प्रदर्शन कई छोटी अवधि में भी लगातार अच्छा रहा है। पिछले एक महीने में इसने 4.9% और पिछले तीन महीनों में 18.5% का रिटर्न दिया है, जो दिखाता है कि यह फंड हाल के बाजार के उतार-चढ़ाव से निपटने में सक्षम है।
छोटी अवधि के लाभ से परे, फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में लंबी अवधि में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। एक साल के आधार पर, फंड ने 7.0% का रिटर्न दिया, जबकि इसके बेंचमार्क में 2.9% की गिरावट आई। यह पैटर्न तीन साल के क्षितिज पर भी जारी रहा, जहां फंड ने बेंचमार्क के 10.0% की तुलना में 22.7% का रिटर्न हासिल किया, जो इस अवधि में मार्केट इंडेक्स से ज्यादा रिटर्न उत्पन्न करने की क्षमता को दर्शाता है।
साइज और मार्केट पोजीशन
हालांकि Motilal Oswal ELSS Tax Saver Fund प्रतिशत रिटर्न के मामले में सबसे आगे है, यह उद्योग के कुछ सबसे बड़े फंडों से अलग तरीके से काम करता है। उदाहरण के लिए, Nippon India ELSS Tax Saver Fund ₹14,700.1 करोड़ का बहुत बड़ा कॉर्पस मैनेज करता है।
निवेशकों के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है। बड़े फंडों में अक्सर लिक्विडिटी को मैनेज करने के लिए एक अलग निवेश दृष्टिकोण होता है, जबकि छोटे या मध्यम आकार के फंड उच्च रिटर्न उत्पन्न करने के लिए अधिक केंद्रित दांव लगा सकते हैं। निवेशकों को अपने जोखिम सहनशीलता को समझने के लिए प्रदर्शन की निरंतरता और फंड के आकार दोनों पर विचार करना चाहिए।
ELSS की जरूरी बातें समझें
इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स (ELSS) खास म्यूचुअल फंड हैं जो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स लाभ प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इन फंडों की एक प्रमुख विशेषता अनिवार्य तीन साल का लॉक-इन पीरियड है, जो सभी टैक्स-सेविंग निवेश विकल्पों में सबसे लंबा है। चूंकि ये फंड मुख्य रूप से इक्विटी में निवेश करते हैं, इसलिए इनमें स्वाभाविक बाजार जोखिम होता है। इन फंडों का प्रदर्शन सीधे स्टॉक मार्केट से जुड़ा होता है, जिसका मतलब है कि छोटी अवधि में रिटर्न काफी घट-बढ़ सकता है।
निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए
इस या किसी अन्य ELSS फंड का मूल्यांकन करते समय, निवेशकों को हाल के रिटर्न से आगे देखना चाहिए। मुख्य बातों में शामिल हैं:
- पोर्टफोलियो कंपोजिशन: फंड द्वारा रखे गए सेक्टर्स और स्टॉक्स की समीक्षा करें ताकि यह देखा जा सके कि वे आपके निवेश लक्ष्यों के अनुरूप हैं या नहीं।
- कंसिस्टेंसी: जांचें कि फंड का बेहतर प्रदर्शन किसी विशेष सेक्टर में दांव का नतीजा है या एक स्थायी निवेश रणनीति का।
- एक्सपेंस रेशियो: फंड को मैनेज करने की लागत की तुलना करें, क्योंकि उच्च शुल्क लंबी अवधि के रिटर्न को कम कर सकता है।
- मैनेजर ट्रैक रिकॉर्ड: मूल्यांकन करें कि क्या फंड मैनेजर ने विभिन्न बाजार चक्रों में एक स्थिर रणनीति बनाए रखी है।
