Mirae Asset Ultra Short Duration Fund ने अपने साथियों को पीछे छोड़ते हुए 3 महीने में **2%** का बेहतरीन रिटर्न दिया है। फंड ने एक साल और तीन साल की अवधि में भी अपने बेंचमार्क की तुलना में दमदार प्रदर्शन किया है।
Mirae Asset Ultra Short Duration Fund का जलवा
2 जुलाई 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में Mirae Asset Ultra Short Duration Fund ने अपने कैटेगरी के दूसरे फंड्स को पछाड़ दिया है। डेटा के मुताबिक, इस फंड ने 2.0% का एब्सोल्यूट रिटर्न दिया। वहीं, Bandhan Ultra Short Duration Fund और HSBC Ultra Short Duration Fund जैसे फंड्स ने इसी दौरान 1.9% का रिटर्न दर्ज किया।
लंबी अवधि में भी शानदार परफॉर्मेंस
सिर्फ छोटी अवधि ही नहीं, Mirae Asset Ultra Short Duration Fund ने लंबी अवधि में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन दिखाया है। एक साल की अवधि में फंड ने 6.5% का रिटर्न दिया, जो इसके बेंचमार्क रिटर्न 4.3% से 2.2% ज्यादा है। इसी तरह, तीन साल की अवधि में फंड ने 7.2% का रिटर्न दिया, जो बेंचमार्क इंडेक्स रिटर्न 6.4% से आगे है। ये आंकड़े कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) बताते हैं, जिससे निवेशकों को अपने निवेश पर सालाना असर समझने में मदद मिलती है।
फंड्स की साइज और कैटेगरी
ACE MF के डेटा के अनुसार, इस कैटेगरी में ₹1,500 करोड़ से ज्यादा एसेट्स वाले फंड्स शामिल हैं। Mirae Asset फंड के हालिया नतीजे भले ही शानदार हों, लेकिन इस सेगमेंट में Tata Ultra Short Term Fund जैसे बड़े फंड्स भी हैं, जिनका कॉर्पस ₹5,454 करोड़ है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
यह परफॉर्मेंस रैंकिंग निवेशकों को फंड्स को कई नजरियों से परखने की अहमियत बताती है। कोई फंड तीन महीने में भले ही आगे हो, लेकिन अलग-अलग इंटरेस्ट रेट साइकिल या मार्केट कंडीशन में एक साल या तीन साल की अवधि में प्रदर्शन अलग हो सकता है। अल्ट्रा-शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड्स मुख्य रूप से कम मैच्योरिटी वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं, इसलिए ये शॉर्ट-टर्म इंटरेस्ट रेट्स और मनी मार्केट लिक्विडिटी में बदलावों के प्रति संवेदनशील होते हैं। निवेशक यह देख सकते हैं कि फंड इंटरेस्ट रेट पॉलिसी बदलने के साथ अपने पोर्टफोलियो की ड्यूरेशन और क्रेडिट क्वालिटी को कैसे मैनेज करता है, क्योंकि ये फैक्टर्स बेंचमार्क की तुलना में रिटर्न की कंसिस्टेंसी को प्रभावित करते हैं।
