Mirae Asset का बड़ा ऐलान! भारत में लॉन्च हुए पहले पैसिव हाइब्रिड फंड्स, जानें निवेशकों के लिए क्या है खास

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AuthorMehul Desai|Published at:
Mirae Asset का बड़ा ऐलान! भारत में लॉन्च हुए पहले पैसिव हाइब्रिड फंड्स, जानें निवेशकों के लिए क्या है खास

Mirae Asset Mutual Fund ने भारतीय निवेशकों के लिए दो नए पैसिव हाइब्रिड प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। ये फंड्स Nifty200 Momentum 30 Index और G-Secs को ट्रैक करेंगे। New Fund Offer (NFO) 10 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा।

Mirae Asset लाया नए पैसिव हाइब्रिड फंड्स

Mirae Asset Mutual Fund ने भारतीय बाजार में दो नए पैसिव हाइब्रिड इन्वेस्टमेंट स्कीम्स पेश की हैं। इन नए प्रोडक्ट्स में Mirae Asset Nifty200 Momentum 30 Plus 8-13 yr G-Sec 50:50 ETF और Mirae Asset Nifty 200 Momentum 30 Plus 8-13 yr G-Sec 75:25 Index Fund शामिल हैं। ये स्कीम्स इक्विटी (Equity) में मोमेंटम स्ट्रेटेजी (Momentum Strategy) और सरकारी सिक्योरिटीज (Government Securities) में निवेश का एक मिला-जुला मौका देंगी।

NFO की तारीख और लिस्टिंग

इन स्कीम्स के लिए New Fund Offer (NFO) पीरियड 10 जुलाई 2026 से शुरू होकर 22 जुलाई 2026 को बंद होगा। NFO खत्म होने के बाद, ETF 28 जुलाई 2026 से एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होगा, जबकि इंडेक्स फंड 29 जुलाई 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए दोबारा खोला जाएगा।

एसेट एलोकेशन की रणनीति

ये फंड्स अपने एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) रेश्यो के आधार पर अलग दिखते हैं। 50:50 ETF में इक्विटी और डेट (Debt) का बराबर बंटवारा होगा, जबकि 75:25 इंडेक्स फंड में 75% इक्विटी एक्सपोजर (Exposure) मिलेगा, जो इसे टैक्स (Tax) और रिपोर्टिंग के लिहाज़ से एक इक्विटी-ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड बनाता है। दोनों फंड्स इंडेक्स की मेथोडोलॉजी (Methodology) के अनुसार, मंथली रीबैलेंसिंग (Monthly Rebalancing) के ज़रिए अपने टारगेट एलोकेशन को बनाए रखेंगे।

इक्विटी पोर्शन (Equity Portion) Nifty200 Momentum 30 Index को ट्रैक करेगा, जो Nifty 200 यूनिवर्स (Universe) से स्टॉक मोमेंटम (Stock Momentum) के आधार पर शेयर चुनता है। डेट कंपोनेंट (Debt Component) Nifty 8-13 Year G-Sec Index को फॉलो करेगा, जिसमें सिर्फ भारत सरकार की सिक्योरिटीज शामिल हैं।

जोखिम और संरचना को समझना

डेट पोर्शन के लिए सिर्फ सरकारी सिक्योरिटीज पर फोकस करने से, इन फंड्स का लक्ष्य क्रेडिट रिस्क (Credit Risk) कम करना है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि डेट पोर्शन इंटरेस्ट रेट रिस्क (Interest Rate Risk) के अधीन रहेगा। क्योंकि ये फंड्स 8 से 13 साल की मैच्योरिटी वाली बॉन्ड्स (Bonds) में निवेश करेंगे, इसलिए मार्केट इंटरेस्ट रेट्स (Market Interest Rates) में बदलाव होने पर डेट पोर्टफोलियो (Debt Portfolio) के वैल्यू में उतार-चढ़ाव आएगा।

ये पैसिव फंड्स हैं, इसलिए इनमें फंड मैनेजर्स (Fund Managers) द्वारा एक्टिव स्टॉक पिकिंग (Active Stock Picking) नहीं की जाती। इनका प्रदर्शन सीधे तौर पर Nifty200 Momentum 30 Index की मोमेंटम स्ट्रेटेजी पर निर्भर करेगा, जिसमें व्यापक मार्केट इंडेक्स (Broader Market Indices) की तुलना में अधिक वोलेटिलिटी (Volatility) देखी जा सकती है। NFO के दौरान मिनिमम इन्वेस्टमेंट ₹5,000 है, और इन फंड्स को Ekta Gala और Pranavi Kulkarni मिलकर मैनेज करेंगे।

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