Mirae Asset Equity Savings Fund का कमाल! 1 महीने में दिया **2.5%** का तगड़ा रिटर्न

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Mirae Asset Equity Savings Fund का कमाल! 1 महीने में दिया **2.5%** का तगड़ा रिटर्न

म्यूचुअल फंड की दुनिया में Mirae Asset Equity Savings Fund ने पिछले 1 महीने में अपने साथियों को पीछे छोड़ते हुए **2.5%** का शानदार रिटर्न दिया है। यह रिपोर्ट उन फंडों पर केंद्रित है जिनकी एसेट वैल्यू **₹1,500 करोड़** से ज़्यादा है।

Mirae Asset Fund का जलवा

म्यूचुअल फंड कैटेगरी 'इक्विटी-सेविंग्स' में Mirae Asset Equity Savings Fund, जुलाई 2026 की शुरुआत तक के एक महीने के प्रदर्शन में सबसे अव्वल रहा। आंकड़े बताते हैं कि इस फंड ने 2.5% का रिटर्न दिया, जो DSP Equity Savings Fund और HDFC Equity Savings Fund जैसे फंडों से थोड़ा ज़्यादा है, जिन्होंने इसी अवधि में 2.2% का रिटर्न दर्ज किया था। हालांकि, यह प्रदर्शन सिर्फ उन्हीं फंडों के लिए है जिनकी कुल संपत्ति (Assets Under Management) ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा है।

सबसे बड़ा फंड कौन?

एसेट साइज (Assets Under Management) के मामले में ICICI Prudential Equity Savings Fund इस कैटेगरी में सबसे बड़ा फंड है, जिसका पोर्टफोलियो लगभग ₹16,732.9 करोड़ का है। फंड का साइज़ मैनेजर्स के पैसे लगाने के तरीके को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह पोर्टफोलियो की रणनीति और जोखिम प्रबंधन के साथ-साथ कई दूसरे फैक्टर्स में से एक है जिस पर निवेशकों को गौर करना चाहिए।

लंबी अवधि में कैसा है प्रदर्शन?

एक महीने का छोटा-छोटा रिटर्न अक्सर बाज़ार के तुरंत उतार-चढ़ाव के कारण बदलता रहता है। जहां Mirae Asset Equity Savings Fund ने एक महीने में अपने साथियों को पछाड़ा, वहीं यह अपने बेंचमार्क इंडेक्स से 0.1% पीछे रह गया, जिसने 2.6% का रिटर्न दिया था। लेकिन, लंबी अवधि पर नज़र डालें तो प्रदर्शन के ट्रेंड्स बदल जाते हैं। एक साल की अवधि में, Mirae Asset ने अपने बेंचमार्क को 1.6% से बेहतर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं, तीन साल के रिटर्न को देखें तो Mirae Asset Equity Savings Fund ने कैटेगरी में अपनी टॉप पोजिशन बनाए रखी है, जो 9.9% का रिटर्न दे रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है ज़रूरी?

इक्विटी सेविंग्स फंड्स को इक्विटी, डेट और आर्बिट्राज (arbitrage) के मिश्रण में निवेश करके जोखिम को संतुलित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसी वजह से, ये फंड प्योर इक्विटी या प्योर डेट फंड्स से अलग व्यवहार करते हैं। इन स्कीम्स की तुलना उन फंडों से करना जो पूरी तरह से अलग कैटेगरी के हैं, गलत फैसले लेने का कारण बन सकता है, क्योंकि उनके अंदरूनी जोखिम प्रोफाइल और निवेश के तरीके बहुत अलग होते हैं। इसलिए, निवेशकों को अक्सर छोटी-मोटी मासिक बढ़त पर प्रतिक्रिया देने के बजाय, कई सालों में स्थिरता को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। यह देखना भी ज़रूरी है कि फंड अपने बेंचमार्क के मुकाबले अलग-अलग मार्केट साइकल्स में कैसा प्रदर्शन करता है, बजाय इसके कि सिर्फ साथियों से तुलना की जाए। इससे फंड मैनेजमेंट टीम की रणनीति की कंसिस्टेंसी (consistency) को समझने में मदद मिलती है।

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