LIC Mutual Fund अक्टूबर तक ₹500 करोड़ का एक नया स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस फंड में कम से कम ₹10 लाख का निवेश करना होगा और यह लॉन्ग-शॉर्ट जैसी जटिल रणनीतियों का उपयोग करेगा। कंपनी का यह कदम उसके एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में पिछले तीन सालों में **208%** की जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद आया है, जो **₹50,000 करोड़** से अधिक हो गया है।
LIC Mutual Fund ला रहा नया स्पेशलाइज्ड फंड
LIC Mutual Fund अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए एक नया स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) लॉन्च करने की तैयारी में है। इस फंड का लक्ष्य ₹500 करोड़ जुटाना है। फिलहाल यह फंड रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार कर रहा है। यह खासकर बड़े निवेशकों के लिए है, जिनमें कम से कम ₹10 लाख का निवेश जरूरी होगा। फंड हाउस, लॉन्ग-शॉर्ट पोजीशन और अनहेच्ड डेरिवेटिव्स जैसी रणनीतियों को अपनाकर, स्टैंडर्ड म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट्स और अधिक जटिल पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के बीच की खाई को पाटने की कोशिश कर रहा है।
मार्केट की अस्थिरता के बीच AUM में भारी उछाल
पिछले तीन सालों में LIC Mutual Fund के संचालन के पैमाने में तेजी से वृद्धि देखी गई है। कंपनी के इंटरनल परफॉरमेंस डेटा के अनुसार, मार्च 2023 में ₹16,526 करोड़ रहा एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 31 जुलाई 2026 तक बढ़कर ₹50,875 करोड़ हो गया है। यह 208% की शानदार ग्रोथ है। हालांकि, भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के बड़े बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी अभी भी कम है, जिसका कुल AUM लगभग ₹82 लाख करोड़ है।
विस्तार के लक्ष्य और ऑपरेशनल स्ट्रेटेजी
LIC Mutual Fund के मैनेजमेंट ने मार्च 2027 तक ₹1 लाख करोड़ AUM का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य मूल रूप से मार्च 2026 तक पूरा होना था, लेकिन 2024 के अंत में शुरू हुई मार्केट की अस्थिरता और निवेशकों की बदलती भावनाओं के कारण इसमें देरी हुई। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, कंपनी अपनी फिजिकल प्रेजेंस बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और अपने ऑफिसों की संख्या 58 से बढ़ाकर 100 करने की योजना है।
ग्रोथ मुख्य रूप से सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (SIPs) और बैंकों व बड़ी कॉर्पोरेट एंटिटीज के साथ गहरे पार्टनरशिप से आने की उम्मीद है। वर्तमान में, कंपनी 42 स्कीमें मैनेज करती है, जिसमें इक्विटी सेगमेंट का योगदान कुल संपत्ति का लगभग ₹20,000 करोड़ है। मैन्युफैक्चरिंग, कंजम्पशन और मल्टी-एसेट एलोकेशन पर केंद्रित फंड्स ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन कंपनी ने यह भी नोट किया कि उसके टेक्नोलॉजी-फोक्स्ड प्रोडक्ट्स को निवेशकों से अधिक सतर्क प्रतिक्रिया मिली है, खासकर AI-संचालित बदलावों की चिंताओं के कारण।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
इस नए स्पेशलाइज्ड फंड में कैपिटल आकर्षित करने की कंपनी की क्षमता निवेशकों के लिए देखने लायक होगी, खासकर ₹10 लाख के ऊंचे निवेश की सीमा और फंड में शामिल जटिल रणनीतियों को देखते हुए। इसके अलावा, मार्च 2027 तक ₹1 लाख करोड़ AUM के संशोधित लक्ष्य को प्राप्त करने में फंड हाउस की सफलता, वर्तमान SIP इनफ्लो को बनाए रखने और बाजार की उन उठा-पटक को सफलतापूर्वक नेविगेट करने पर निर्भर करेगी, जिन्होंने इंडस्ट्री की ग्रोथ को बार-बार प्रभावित किया है।
