सिर्फ 7 साल पहले Kotak Focused Fund में ₹10,000 महीने की SIP शुरू की थी? तो अब यह ₹15.23 लाख बन चुकी है, जिसने 16% का सालाना रिटर्न दिया है। यह फंड कम शेयरों में पैसा लगाकर ग्रोथ का लक्ष्य रखता है, लेकिन इसमें ज़्यादा अस्थिरता का रिस्क भी है।
Detailed Coverage
SIP निवेशकों के लिए खुशखबरी!
Kotak Focused Fund ने अपने सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) निवेशकों को मालामाल कर दिया है। जुलाई 2019 में शुरू की गई ₹10,000 की मासिक SIP, जो कुल ₹8.4 लाख जमा हुए थे, मई 2026 तक बढ़कर करीब ₹15.23 लाख हो गए हैं। यह 7 साल की अवधि में 16% से ज़्यादा का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) यानी सालाना रिटर्न दर्शाता है।
कंसंट्रेटेड स्ट्रैटेजी का कमाल
यह फंड एक कंसंट्रेटेड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी (Concentrated Investment Strategy) अपनाता है। इसका मतलब है कि फंड मैनेजर पोर्टफोलियो में ज़्यादा से ज़्यादा 30 स्टॉक ही रखता है, चाहे वे लार्ज-कैप, मिड-कैप या स्मॉल-कैप सेगमेंट से हों। इस चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की रणनीति का मकसद ब्रॉडर मार्केट से बेहतर रिटर्न हासिल करना है।
बेंचमार्क को दी मात
जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, फंड के रेगुलर ग्रोथ प्लान ने शुरुआत से अब तक 14.93% का CAGR दिया है। यह इसके मुख्य बेंचमार्क, Nifty 500 TRI, के 12.04% के रिटर्न से काफी ज़्यादा है। पिछले एक साल में फंड ने 6.85% रिटर्न दिया, जबकि Nifty 500 TRI सिर्फ 0.28% ही दे पाया। 3-साल और 5-साल के आंकड़ों में भी फंड ने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है, क्रमशः 15.16% और 12.95% का रिटर्न दर्ज किया है।
क्या हैं जोखिम?
जहां एक ओर यह कंसंट्रेटेड अप्रोच बड़े मुनाफे की संभावना देता है, वहीं निवेशकों को इसके जोखिमों को भी समझना होगा। ऐसे पोर्टफोलियो व्यक्तिगत कंपनियों के प्रदर्शन के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होते हैं। अगर कोई बड़ा शेयर खराब प्रदर्शन करता है, तो फंड पर इसका असर ज़्यादा पड़ सकता है। इस वजह से, इसमें ज़्यादा अस्थिरता (Volatility) भी देखी जा सकती है। यह स्ट्रैटेजी उन निवेशकों के लिए ज़्यादा उपयुक्त है जो ज़्यादा रिस्क ले सकते हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं।
फंड का प्रदर्शन
शिबानी कुरियन द्वारा मैनेज किए जा रहे इस फंड का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 30 जून 2026 तक ₹4,298 करोड़ था। निवेशकों को फंड मैनेजर की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए कि वे बाज़ार के उतार-चढ़ाव में पोर्टफोलियो की क्वालिटी और प्रदर्शन को कैसे बनाए रखते हैं। किसी भी इक्विटी फंड की तरह, भविष्य के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और यह बाज़ार की मौजूदा स्थितियों, मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करता है।
