'सब कुछ इन्वेस्टेड' का कमाल
साल 2025 भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए थोड़ा मुश्किल भरा रहा। ऐसे में कई फंड हाउसेस ने बाजार की अनिश्चितता से बचने के लिए अपने पोर्टफोलियो में कैश की मात्रा बढ़ा दी। लेकिन Kotak Flexicap Fund ने बिल्कुल विपरीत रास्ता अपनाया। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, फ्लेक्सीकैप कैटेगरी के टॉप 10 फंड्स के पास औसतन 7% तक कैश था, जबकि Kotak Flexicap Fund ने अपनी होल्डिंग 1% से 3% के बीच ही रखी।
तूफानी रिटर्न का राज
इस खास रणनीति की वजह से Kotak Flexicap Fund ने पिछले एक साल में 10.42% का शानदार रिटर्न दिया। वहीं, इसी कैटेगरी के टॉप 10 फंड्स का औसत रिटर्न सिर्फ 6.82% रहा। यह दिखाता है कि जब मार्केट तेजी में हो, तो ज्यादा इक्विटी एक्सपोजर (Equity Exposure) रखना कितना फायदेमंद हो सकता है।
लंबी अवधि में भी दबदबा
सिर्फ एक साल नहीं, Kotak Flexicap Fund का लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस (Long-Term Performance) भी लाजवाब रहा है। लगातार 3, 5, 7 और 10 साल के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) में इसने अपने बेंचमार्क इंडेक्स जैसे Nifty 500 TRI और Nifty 200 TRI को पीछे छोड़ा है। उदाहरण के लिए, पिछले 10 सालों में इस फंड ने 16.40% का CAGR दिया, जबकि Nifty 500 TRI का CAGR 13.50% और Nifty 200 TRI का 12.90% रहा। जनवरी 2026 तक इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब ₹56,478 करोड़ था।
मार्केट टाइमिंग का खेल
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट को सही समय पर टाइम (Market Timing) करके कैश लगाना और निकालना बेहद मुश्किल काम है। जो फंड्स ज्यादा कैश रखते हैं, वे बाजार की तेजी का पूरा फायदा नहीं उठा पाते। वहीं, जो फंड्स लगातार इन्वेस्टेड रहते हैं, वे मार्केट की रिकवरी और बुल रन (Bull Run) का पूरा लाभ उठा सकते हैं। 2025 में कई फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने 7% से 20% तक कैश रखा, जबकि Kotak Flexicap Fund की कम कैश होल्डिंग ने उसे बेहतर रिटर्न कमाने में मदद की।
कॉम्पिटिशन और अलग-अलग फिलॉसफी
2025 में Nifty 50 इंडेक्स में 10.5% का उछाल आया, जो एक पॉजिटिव मार्केट को दिखाता है। हालांकि, Nifty 500 के मिडियन स्टॉक (Median Stock) में 4.8% की गिरावट आई, जो दर्शाता है कि हर स्टॉक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा था। Kotak Flexicap Fund जैसी कंपनियां अपनी खास रणनीति से इन उतार-चढ़ावों का सामना करती हैं। HDFC Flexi Cap Fund और JM Flexicap Fund जैसे दूसरे फंड्स भी लॉन्ग-टर्म में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उनकी अपनी अलग रणनीतियां हैं। Parag Parikh Flexi Cap Fund जैसी कुछ फंड्स ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन (Global Diversification) के साथ 21.43% तक कैश भी रखती हैं।
रणनीति की कमजोरियां
हालांकि, Kotak Flexicap Fund की 'लगातार इन्वेस्टेड रहने' की रणनीति में रिस्क भी है। अगर बाजार में अचानक बड़ी और तेज गिरावट आती है, तो कम कैश रिजर्व वाले फंड्स को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। 2025 में जबकि Nifty 500 TRI 7.2% बढ़ा, वहीं इसके मिडियन स्टॉक में 4.8% की गिरावट आई। यह दिखाता है कि इंडेक्स की परफॉरमेंस भले ही अच्छी दिखे, अंदरूनी कमजोरी हो सकती है। फंड का एक्सपेंस रेश्यो (Expense Ratio) लगभग 1.43% से 1.44% के आसपास है, जो इंडस्ट्री के हिसाब से सामान्य है, लेकिन लंबी अवधि में यह निवेशकों की कमाई पर असर डाल सकता है। फंड मैनेजर हर्षा उपाध्याय 2012 से इस फंड को मैनेज कर रहे हैं, जो स्थिरता दर्शाता है, पर इक्विटी-फोक्स्ड (Equity-Focused) स्ट्रैटेजी की सफलता लगातार मार्केट आउटपरफॉरमेंस (Market Outperformance) पर निर्भर करती है।
आगे क्या?
2026 के लिए मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि डाइवर्सिफाइड इक्विटी स्ट्रैटेजी पर फोकस बना रहेगा। फ्लेक्सी-कैप और लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स को ग्रोथ और स्टेबिलिटी के अच्छे कॉम्बिनेशन के लिए सुझाया जा रहा है। Kotak Flexicap Fund की कम कैश रखने की स्ट्रैटेजी फायदेमंद रही है, लेकिन निवेशकों को हमेशा अपनी रिस्क लेने की क्षमता और इन्वेस्टमेंट होराइजन (Investment Horizon) के हिसाब से ही फैसला लेना चाहिए।