Kotak AMC ने रचा नया कीर्तिमान
Kotak Mahindra Asset Management Company (AMC) ने ₹6 लाख करोड़ AUM का यह मुकाम सिर्फ 14 महीनों में हासिल किया है, जो कि दिसंबर 2024 में ₹5 लाख करोड़ के पार जाने के बाद एक शानदार रफ्तार दिखाती है। कंपनी के टोटल AUM का बड़ा हिस्सा, करीब 63%, इक्विटी पोर्टफोलियो से आता है। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक वेल्थ बनाने के लिए इक्विटी को कितनी अहमियत दे रहे हैं।
Systematic Investment Plans (SIPs) Kotak AMC की ग्रोथ के मजबूत पिलर बने हुए हैं। जनवरी 2026 तक, कंपनी की मंथली SIP बुक ₹1,500 करोड़ के पार पहुंच गई, जिससे टोटल SIP AUM अब ₹1.1 लाख करोड़ हो गया है। यह लगातार SIP इनफ्लो निवेशकों का कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी पर भरोसा दर्शाता है।
अगर पैरेंट कंपनी Kotak Mahindra Bank की बात करें, तो 23 फरवरी 2026 तक इसकी मार्केट कैप लगभग ₹4.19 लाख करोड़ थी, और P/E रेश्यो करीब 22.92 था। बैंक के Q3 FY26 नतीजों में पिछले साल के मुकाबले नेट प्रॉफिट 4% बढ़ा, हालांकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन में थोड़ी कमी आई। एनालिस्ट्स ने Kotak Mahindra Bank पर 'Hold' रेटिंग दी है, जो इसकी वैल्यूएशन और क्वालिटी को दर्शाती है। वहीं, कॉम्पिटिटर HDFC AMC का AUM ₹9 लाख करोड़ के पार और SBI Mutual Fund का AUM करीब ₹12.63 लाख करोड़ रहा।
IPO एरेना: निवेशकों की चुनिंदा पसंद
भारतीय Initial Public Offering (IPO) मार्केट में इस बार निवेशकों का मूड कुछ मिला-जुला दिखा, जहां कुछ इश्यूज में ज़बरदस्त डिमांड रही तो कुछ में थोड़ी नरमी।
Gaudium IVF: फर्टिलिटी सेक्टर में पहला कदम
Gaudium IVF and Women Health का ₹165 करोड़ का IPO आखिरी दिन 7.27 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 14.05 गुना और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) ने 7.60 गुना बोली लगाई। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का इंटरेस्ट 1.62 गुना रहा। यह IPO फर्टिलिटी केयर सेक्टर में पब्लिक मार्केट में डेब्यू करने वाली पहली कंपनी है, जिसकी प्राइस बैंड ₹75-₹79 प्रति शेयर थी और वैल्यूएशन ₹575 करोड़ आंका गया था। भारत में फर्टिलिटी सर्विसेज मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है, जिसके 2030 तक 9.6% CAGR से बढ़कर USD 3,209.8 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
Clean Max Enviro Energy Solutions: रिन्यूएबल एनर्जी पर सतर्कता
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोवाइडर Clean Max Enviro Energy Solutions के ₹3,100 करोड़ के IPO को दूसरे दिन 45% सब्स्क्रिप्शन मिला। QIB कैटेगरी 1.21 गुना और NIIs 41% सब्सक्राइब हुए। भारत का कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) सोलर मार्केट तेज़ी से बढ़ने वाला है, जिसमें 2026 तक 30–35 GW तक इंस्टॉलेशन का अनुमान है। हालांकि, IPO का यह सब्स्क्रिप्शन रेट Gaudium IVF के मुकाबले निवेशकों का सतर्क रवैया दिखाता है।
मार्केट का मिजाज और रिस्क फैक्टर्स
2025 के रिकॉर्ड साल के बाद, 2026 की शुरुआत में भारतीय IPO मार्केट में थोड़ी नरमी देखी जा रही है। सब्स्क्रिप्शन लेवल कम हुए हैं और स्मॉल-कैप और मिड-कैप स्टॉक्स में कमजोरी का असर सेंटीमेंट पर है। फरवरी 2026 के मध्य तक केवल पांच मेनबोर्ड IPO लॉन्च हुए थे, जिनमें से कुछ डिस्काउंट पर लिस्ट भी हुए। यह पिछले सालों की तुलना में काफी कम है।
फरवरी 2026 में RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा, जो मॉडरेट इन्फ्लेशन और मजबूत GDP ग्रोथ के बीच स्थिरता का संकेत है। हालांकि, ग्लोबल ट्रेड टेंशन और करेंसी वोलैटिलिटी जैसे रिस्क अभी भी बने हुए हैं। Kotak Mahindra Bank के लिए, एसेट क्वालिटी सुधर रही है, लेकिन मार्जिन्स पर थोड़ा दबाव है। वहीं, IPOs के लिए रिस्क यह है कि वे अपने-अपने सेक्टर्स में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलते मार्केट सेंटीमेंट के बीच लिस्टिंग के बाद कैसा प्रदर्शन बनाए रखेंगे।