SIP में ₹31,961 करोड़ का निवेश, पर इक्विटी में आई नरमी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SIP में ₹31,961 करोड़ का निवेश, पर इक्विटी में आई नरमी

जुलाई 2026 में Systematic Investment Plan (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश **₹31,961 करोड़** तक पहुंच गया, जो रिटेल निवेशकों के अनुशासन को दिखाता है। हालांकि, इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल निवेश घटकर **₹24,697 करोड़** रह गया। खास बात यह है कि लार्ज-कैप फंड से **₹1,322 करोड़** का आउटफ्लो देखा गया। वहीं, डेट फंड में जोरदार इनफ्लो ने इंडस्ट्री के कुल एसेट्स को **₹85.76 लाख करोड़** तक पहुंचा दिया।

SIP का जलवा बरकरार, पर इक्विटी पर छाया 🤔

भारतीय निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर जुलाई 2026 में भी अनुशासित दिखे। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, Systematic Investment Plans (SIPs) के जरिए ₹31,961 करोड़ का निवेश आया। यह जून के ₹31,781 करोड़ से मामूली बढ़ोतरी है। यह लगातार इनफ्लो दिखाता है कि बाजार के बदलते मिजाज के बावजूद रिटेल निवेशक लॉन्ग-टर्म वेल्थ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इक्विटी फंड में नरमी, लार्ज-कैप से पैसा बाहर 📉

हालांकि, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की तस्वीर थोड़ी बदली हुई दिखी। जुलाई में इक्विटी स्कीम्स में नेट इनफ्लो घटकर ₹24,697 करोड़ रह गया, जो जून में ₹28,973 करोड़ था। यह गिरावट संकेत देती है कि निवेशक शायद बाजार की मौजूदा उथल-पुथल को देखते हुए थोड़े सतर्क हो गए हैं और लंप-सम (एकमुश्त) निवेश से कतरा रहे हैं। SIP जहां नियमित और अनुशासित निवेश का जरिया है, वहीं एकमुश्त निवेश बाजार के मौजूदा स्तरों और खबरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है।

कैटेगरी वाइज निवेश का बदला मिजाज 🧐

निवेशकों के पैसे लगाने के तरीके में भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स ने निवेशकों का ध्यान खींचा, जिनमें क्रमश: ₹7,767.5 करोड़ और ₹6,192.3 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। इसके विपरीत, लार्ज-कैप फंड्स की भावना में उलटफेर हुआ और इनमें ₹1,322 करोड़ का नेट आउटफ्लो देखा गया। यह एक अहम बात है, क्योंकि लार्ज-कैप फंड्स पहले निवेशकों के लिए एक स्थिर ठिकाना हुआ करते थे। यह बदलाव बताता है कि कुछ निवेशक या तो लार्ज-कैप स्टॉक्स से दूरी बना रहे हैं या हालिया प्रदर्शन के रुझानों को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस कर रहे हैं।

डेट फंड की ताकत और AUM में उछाल 🚀

जहां इक्विटी इनफ्लो पर कुछ दबाव दिखा, वहीं म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री मजबूत बनी रही। डेट-ओरिएंटेड स्कीम्स ने ग्रोथ को गति देने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें महीने के दौरान लगभग ₹1.87 लाख करोड़ का भारी-भरकम नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। डेट फंड में निवेश की इस उछाल ने जुलाई के अंत तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को ₹85.76 लाख करोड़ तक पहुंचा दिया।

निवेशकों को लार्ज-कैप आउटफ्लो के ट्रेंड पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए कि क्या यह एक अस्थायी रुझान है या रणनीति में एक व्यापक बदलाव। साथ ही, स्मॉल- और मिड-कैप कैटेगरी में रिटेल की दिलचस्पी का जमावड़ा भी एक विचारणीय कारक बना हुआ है, क्योंकि ये सेगमेंट बाजार में गिरावट के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। अगले कुछ महीनों के आंकड़े स्पष्ट करेंगे कि निवेशक अधिक रक्षात्मक हो रहे हैं या सिर्फ जोखिम प्रबंधन के लिए डेट या अन्य एसेट क्लास में अपना पैसा लगा रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.