JioBlackRock अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही है, ताकि रिटेल निवेशक बाजार की अस्थिरता के दौरान भी अपने निवेश पर टिके रहें। कंपनी का मकसद म्यूचुअल फंड की जर्नी को आसान बनाना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की वजह से म्यूचुअल फंड में निवेश करना तो आसान हो गया है, लेकिन बड़ी चुनौती यह है कि निवेशक मार्केट के उतार-चढ़ाव में अपना पैसा न निकालें। Jio Financial Services और BlackRock का जॉइंट वेंचर 'JioBlackRock' इस समस्या को सुलझाने के लिए अब AI का सहारा ले रहा है।
AI के जरिए निवेशकों को मिलेगी मदद
JioBlackRock के MD और CEO, Sid Swaminathan के अनुसार, डिजिटल एक्सेस तो मिल गया है, लेकिन लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखना मुश्किल काम है। अक्सर रिटेल निवेशक मार्केट गिरते ही घबराकर अपने निवेश से एग्जिट कर लेते हैं, जिसका नुकसान उन्हें ही होता है। अब कंपनी AI-ड्रिवेन 'बिहेवियरल प्रॉम्प्ट्स' का इस्तेमाल करेगी। अगर कोई निवेशक अपना SIP बंद करना चाहता है या मार्केट गिरने पर शेयर बेचना चाहता है, तो यह सिस्टम उसे उसके फाइनेंशियल गोल्स और टैक्स इम्पैक्ट के बारे में सही जानकारी देगा।
Aladdin प्लेटफॉर्म का जादू
इस पूरी रणनीति के पीछे BlackRock का ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म Aladdin काम कर रहा है। यह सिस्टम पोर्टफोलियो को मॉनिटर करता है और अगर पोर्टफोलियो टारगेट से भटकता है, तो यह ऑटोमेटेड सुझाव देता है ताकि निवेशक उसे रीबैलेंस कर सकें। कंपनी का लक्ष्य म्यूचुअल फंड के अनुभव को UPI पेमेंट जितना आसान और सरल बनाना है।
B30 शहरों में मजबूत पैठ
कंपनी की डिजिटल-फर्स्ट रणनीति का असर साफ दिख रहा है। JioBlackRock के कुल रिटेल एसेट्स का 40% हिस्सा उन शहरों (B30) से आ रहा है, जो टॉप 30 फाइनेंशियल सेंटर्स के बाहर हैं। इसका मतलब है कि छोटे शहरों में भी कंपनी की तकनीक सफल साबित हो रही है। आगे चलकर कंपनी GIFT City के जरिए भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल निवेश के विकल्प लाने की भी तैयारी कर रही है।
