JioBlackRock के CEO Sid Swaminathan ने रिटेल निवेशकों को चेतावनी दी है कि बाजार की छोटी-मोटी गिरावट में घबराकर निवेश बाहर निकालना गलत है। कंपनी ने सितंबर 2026 तक **₹22,746 करोड़** का AUM दर्ज किया है और निवेशकों को भावनाओं के बजाय गोल्स पर ध्यान देने की सलाह दी है।
बाजार की गिरावट और निवेशकों का व्यवहार
JioBlackRock Asset Management के MD और CEO, Sid Swaminathan का कहना है कि थोड़े समय की मार्केट अस्थिरता देखकर निवेश से बाहर निकलना वेल्थ क्रिएशन में सबसे बड़ी बाधा है। फंड हाउस के आंकड़ों के मुताबिक, अक्सर नए निवेशक बाजार में थोड़ी हलचल होते ही अपनी SIP (Systematic Investment Plan) कैंसिल कर देते हैं, जिससे वे रिकवरी के दौरान होने वाले फायदे से चूक जाते हैं।
गोल्स पर आधारित निवेश की सलाह
Swaminathan ने जोर दिया है कि निवेशकों को केवल फंड की परफॉर्मेंस के पीछे भागने के बजाय 'आउटकम-बेस्ड' एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी इसके लिए BlackRock के Aladdin टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है। इसका मुख्य मकसद निवेशकों को इक्विटी, डेट और कमोडिटी में एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाने में मदद करना है, ताकि ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर और करेंसी के उतार-चढ़ाव का उन पर कम असर पड़े।
कंपनी का विस्तार और नए फंड
सितंबर 2026 तक कंपनी का AUM ₹22,746 करोड़ पहुंच चुका है। अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी अब डिजिटल चैनलों के साथ-साथ डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। साथ ही, हाल ही में लॉन्च किया गया JioBlackRock Advantage World Equity Fund, जिसे GIFT City के IFSC के जरिए मैनेज किया जा रहा है, भारतीय निवेशकों को ग्लोबल मार्केट में निवेश का मौका देता है।
जोखिम और प्रतिस्पर्धा
भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में भारी प्रतिस्पर्धा है, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, इंटरनेशनल फंड्स में निवेश करने पर विदेशी बाजारों की अस्थिरता और करेंसी रिस्क भी बना रहता है, जिसका असर कुल रिटर्न पर पड़ सकता है।
