JM Financial Asset Management ने अपने पहले Pre-IPO फंड के जरिए ₹700 करोड़ की पूंजी जुटाई है। यह फंड उन कंपनियों पर दांव लगाएगा जो अगले 18 महीनों में शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही हैं।
फंड का लक्ष्य और निवेश रणनीति
JM Financial India Pre-IPO Fund I के जरिए कुल ₹2,500 करोड़ जुटाने का लक्ष्य है, जिसमें ₹1,000 करोड़ का ग्रीन शू ऑप्शन भी शामिल है। कंपनी का फोकस उन व्यवसायों पर है जो फंडामेंटली मजबूत हैं और जल्द ही पब्लिक लिस्टिंग की योजना बना रहे हैं। यह एक सेक्टर-अग्नॉस्टिक फंड होगा, यानी यह किसी एक खास इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा।
क्यों है यह एक बड़ा बदलाव?
अब तक JM Financial अपनी क्रेडिट-बेस्ड Alternative Investment Fund (AIF) रणनीतियों के लिए पहचानी जाती थी। ₹14,081 करोड़ के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के साथ कंपनी अब इक्विटी-बेस्ड प्राइवेट मार्केट में अपनी पहुंच बढ़ा रही है। कंपनी का मानना है कि प्री-पब्लिक मार्केट में निवेश की बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।
निवेश का जोखिम (Investor Risks)
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि प्री-IPO निवेश आम पब्लिक शेयरों की तरह लिक्विड नहीं होते। इसमें पैसा लंबे समय के लिए लॉक हो सकता है। फंड की सफलता पूरी तरह से उन कंपनियों पर निर्भर करती है जो 18 महीने की समय सीमा में अपना IPO लाने का वादा करती हैं। यदि बाजार में उतार-चढ़ाव, रेगुलेटरी बाधाएं या कोई अन्य कारण आता है, तो निवेशकों का पैसा अटक सकता है। फंड मैनेजर की सिलेक्शन क्षमता ही यहां सबसे बड़ा फैक्टर है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
