IPO Pipeline: बाजार में आने वाली है **₹5 लाख करोड़** की सुनामी, सेकेंडरी मार्केट से पैसा खींच रहे निवेशक

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IPO Pipeline: बाजार में आने वाली है **₹5 लाख करोड़** की सुनामी, सेकेंडरी मार्केट से पैसा खींच रहे निवेशक

भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ (IPO) और क्यूआईपी (QIP) की **₹5 लाख करोड़** की भारी-भरकम पाइपलाइन तैयार है। हाई वैल्यूएशन और विदेशी निवेशकों की सुस्ती के बीच, रिटेल निवेशक अब छोटे शेयरों की ओर रुख कर रहे हैं ताकि महंगाई को मात दे सकें।

भारतीय निवेशक अब सेकेंडरी मार्केट से अपना पैसा निकालकर प्राइमरी मार्केट (IPO और QIP) की ओर तेजी से शिफ्ट कर रहे हैं। मार्केट में लिस्टेड शेयरों के दाम इतने बढ़ चुके हैं कि निवेशकों को वहां ग्रोथ के मौके कम दिख रहे हैं, जिसके चलते वे नई कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं।\n\n### नए शेयरों की भारी सप्लाई\n\nबाजार में नए शेयरों की बाढ़ आने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, SEBI से करीब ₹2 लाख करोड़ के आईपीओ को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जबकि ₹3 लाख करोड़ के आवेदन अभी पाइपलाइन में हैं। यह लिक्विडिटी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि अगर बाजार में बहुत अधिक आईपीओ एक साथ आए, तो सेकेंडरी मार्केट का वॉल्यूम गिर सकता है।\n\n### विदेशी निवेशकों (FIIs) की दूरी का कारण\n\nविदेशी निवेशक फिलहाल भारतीय बाजार को लेकर सतर्क हैं। उनकी चिंता के दो मुख्य कारण हैं: कंपनियों का महंगा वैल्यूएशन और डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव। जब रुपया गिरता है, तो विदेशी निवेशकों का रिटर्न भी घट जाता है। यही वजह है कि वे नए स्टॉक्स में पैसा लगाने के बजाय अभी भी अपने पैसे को बड़े प्राइवेट बैंकों में सुरक्षित रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं।\n\n### रिटेल निवेशकों की महंगाई से लड़ाई\n\nआम निवेशक इस समय 10% से 12% की पर्सनल महंगाई से जूझ रहे हैं। फिक्स्ड इनकम (जैसे एफडी) से उन्हें सिर्फ 7% का रिटर्न मिल रहा है, जो महंगाई के सामने काफी कम है। इसीलिए वे लार्ज-कैप शेयरों के धीमे रिटर्न से ऊबकर स्मॉल और मिड-कैप शेयरों की तरफ भाग रहे हैं, जहां रिस्क तो ज्यादा है लेकिन तेजी की उम्मीद भी बड़ी है।\n\n### आगे की राह\n\nनिवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि बाजार इस ₹5 लाख करोड़ की सप्लाई को कितनी आसानी से सोख पाता है। यदि बड़े इश्यूज एक साथ आए, तो बाजार में करेक्शन आ सकता है। इसलिए, नए आईपीओ की सफलता और SEBI के अप्रूवल की रफ्तार पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.