Flexi-Cap Mutual Funds: निवेशकों की पहली पसंद, 2026 में डाले ₹49,915 करोड़

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AuthorMehul Desai|Published at:
Flexi-Cap Mutual Funds: निवेशकों की पहली पसंद, 2026 में डाले ₹49,915 करोड़

साल 2026 के शुरुआती सात महीनों में फ्लेक्सी-कैप म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों ने **₹49,915 करोड़** का भारी निवेश किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **27%** अधिक है। बाजार में छाई इस चमक के बीच, Quantum Mutual Fund ने एक नया NFO भी पेश किया है।

बढ़ता क्रेज और बढ़ता AUM

भारतीय निवेशकों का फ्लेक्सी-कैप फंड्स के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है। साल 2025 की समान अवधि में जहां ₹39,187 करोड़ का निवेश आया था, वहीं 2026 में यह आंकड़ा उछलकर ₹49,915 करोड़ पर पहुंच गया है। इस कैटेगरी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब ₹6 लाख करोड़ को पार कर चुका है, जो पिछले साल ₹4.94 लाख करोड़ था। निवेशकों की संख्या यानी फोलियो की बात करें तो यह 1.94 करोड़ से बढ़कर 2.44 करोड़ हो गई है।

नई योजनाओं की दौड़

निवेशकों की इसी मांग को भुनाने के लिए एसेट मैनेजमेंट कंपनियां नए फंड्स (NFO) ला रही हैं। Quantum Mutual Fund अपनी नई फ्लेक्सी-कैप स्कीम लेकर आया है, जिसका NFO 4 सितंबर, 2026 तक खुला है। यह स्कीम 'प्रॉफिट-पूल माइग्रेशन' और 'ग्रोथ एट ए रीजनेबल प्राइस' (GARP) की रणनीति पर काम करेगी ताकि बाजार में तेजी से उभरती कंपनियों को पकड़ा जा सके।

जोखिम को समझना भी जरूरी

फ्लेक्सी-कैप फंड्स में जोखिम को 'वेरी हाई' माना जाता है क्योंकि ये पूरी तरह इक्विटी में निवेश करते हैं। चूंकि फंड मैनेजर के पास लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप में शिफ्ट होने की पूरी आजादी होती है, इसलिए पोर्टफोलियो का रिस्क प्रोफाइल बदलता रहता है। यदि मैनेजर का बाजार के रुझान को पहचानने का दांव गलत पड़ता है, तो आपके रिटर्न पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को सिर्फ फंड की फ्लेक्सिबिलिटी ही नहीं, बल्कि मैनेजर की कुशलता और बाजार के चक्रों को भी बारीकी से समझना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.