Midcap और Smallcap Funds: सिर्फ 5 स्कीमों में जमा हो रहा 74% पैसा, क्या आप भी कर रहे बड़ी गलती?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Midcap और Smallcap Funds: सिर्फ 5 स्कीमों में जमा हो रहा 74% पैसा, क्या आप भी कर रहे बड़ी गलती?

म्युचुअल फंड निवेशकों का रुझान कुछ चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप स्कीमों की ओर तेजी से बढ़ा है। 2024 में कुल निवेश का **74%** और **60%** हिस्सा सिर्फ टॉप 5 फंड्स में गया है, जो एक जोखिम भरी 'परफॉर्मेंस चेजिंग' रणनीति का संकेत है।

निवेश का केंद्रीकरण और रिस्क

भारतीय निवेशकों का फोकस आजकल बहुत ही सीमित स्कीमों पर सिमट गया है। 2024 की शुरुआत से अब तक मिडकैप कैटेगरी के कुल नए निवेश का 74% हिस्सा सिर्फ टॉप 5 स्कीमों के पास गया है। वहीं, स्मॉलकैप में भी यह आंकड़ा 60% रहा है। निवेशक उन नामों के पीछे भाग रहे हैं जो हालिया तेजी की खबरों में रहे हैं, जिससे बाजार के व्यापक विकल्पों को अनदेखा किया जा रहा है।

अगस्त का डेटा और बदलते रुझान

अगस्त के आंकड़ों पर नजर डालें तो मिडकैप फंड्स में ₹6,989 करोड़ और स्मॉलकैप में ₹7,973 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया गया, जो फरवरी से अगस्त के बीच का उच्चतम स्तर है। इसके उलट, लार्ज-कैप फंड्स से लगातार दूसरे महीने ₹1,147 करोड़ की निकासी (outflow) देखी गई है। यह साफ दिखाता है कि निवेशक बड़े शेयरों से पैसा निकालकर मिड और स्मॉलकैप की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।

रिटर्न का अंतर और 'एंट्री टाइमिंग' का खेल

अक्सर निवेशक फंड के हालिया प्रदर्शन को देखकर निवेश करते हैं, लेकिन असल रिटर्न उम्मीद से कम रह जाता है। उदाहरण के लिए, बड़ी मिडकैप स्कीमों का रिपोर्टेड ग्रोथ 14% के करीब रहा है, जबकि औसत निवेशक का रिटर्न सिर्फ 4% के आसपास सिमट गया। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब निवेशक ऊंचे दाम पर एंट्री करते हैं, तो उन्हें बाद की ग्रोथ का फायदा कम मिलता है।

SEBI की चिंताएं और निवेशकों के लिए सलाह

अचानक भारी कैश इनफ्लो से फंड मैनेजर्स पर दबाव बढ़ता है कि वे उसे तुरंत बाजार में लगाएं, भले ही शेयर महंगे हों। SEBI ने भी स्मॉलकैप फंड्स में लिक्विडिटी को लेकर पहले ही चेतावनी दी है। निवेशकों को सलाह है कि केवल शॉर्ट-टर्म रिटर्न देखकर फैसला न लें। SIP के जरिए अनुशासित निवेश करना और मार्केट की टाइमिंग के बजाय लंबे समय के लक्ष्यों पर टिके रहना ही जोखिम कम करने का सबसे बेहतर तरीका है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.