Invesco India Large Cap Fund का एसेट बेस बढ़कर **₹2,021 करोड़** के पार पहुंच गया है। फंड हाउस ने अब **55** स्टॉक्स के पोर्टफोलियो के साथ एक्टिव मैनेजमेंट का रास्ता अपनाया है, जो मिड-कैप और नॉन-बैंक फाइनेंशियल कंपनियों पर दांव लगा रहा है।
बदलती स्ट्रैटेजी और पोर्टफोलियो
Invesco India Large Cap Fund ने अपनी निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। साल 2016 में जहां यह फंड 31 स्टॉक्स तक सीमित था, वहीं अगस्त 2026 तक यह बढ़कर 55 स्टॉक्स का डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बन चुका है। फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी तेजी से बढ़ा है, जो 2021 के ₹398 करोड़ से उछलकर ₹2,021 करोड़ के स्तर पर आ गया है। इस दौरान फंड ने अपनी इक्विटी एक्सपोजर को 97% से ऊपर बरकरार रखा है।
रिस्क और वैल्युएशन का गणित
यह फंड बेंचमार्क इंडेक्स को कॉपी करने के बजाय एक्टिवली स्टॉक्स चुन रहा है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि फंड ने ट्रेडिशनल बैंकिंग के बजाय नॉन-बैंक फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट कंपनियों पर भारी दांव लगाया है, जो इसके पोर्टफोलियो का 32.65% हिस्सा है। साथ ही, 18% निवेश मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में है।
हालांकि, निवेशकों के लिए चिंता का विषय इसकी वैल्युएशन है। वर्तमान में इस फंड का P/E (Price-to-Earnings) रेशियो 42.39 और P/B (Price-to-Book) रेशियो 9.49 है। यह अपने कई पियर्स के मुकाबले काफी महंगा है। महंगे स्टॉक्स का मतलब है कि अगर बाजार में थोड़ी भी गिरावट आती है या कंपनियां उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं कमा पातीं, तो पोर्टफोलियो पर दबाव बढ़ सकता है।
प्रदर्शन के आंकड़े
रणनीति काम कर रही है। सितंबर 2026 तक फंड का मीडियन 3-साल का रिटर्न 16.9% रहा है। वहीं, अपसाइड कैप्चर रेशियो 117.7 का है, जो बताता है कि तेजी के बाजार में फंड ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या फंड मैनेजर ऊंचे वैल्युएशन और बाजार की अस्थिरता के बीच इस प्रदर्शन को बरकरार रख पाते हैं या नहीं।
