Invesco India Financial Services Fund ने अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए 3 साल में **18.2%** का ज़बरदस्त CAGR हासिल किया है। फंड का अपने बेंचमार्क इंडेक्स से कहीं आगे निकलना हालिया प्रदर्शन को दर्शाता है, हालांकि निवेशकों को बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र की अंदरूनी अस्थिरता को ध्यान में रखना चाहिए।
Invesco India Financial Services Fund का कमाल
बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं (Banking and Financial Services) के सेक्टर में Invesco India Financial Services Fund ने बाजी मार ली है। ACE MF के 7 जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक, इस फंड ने पिछले 3 साल में 18.2% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल किया है। यह प्रदर्शन SBI Banking & Financial Services Fund के 16.3% और Sundaram Financial Services Opportunities Fund के 14.3% जैसे बड़े फंड्स से कहीं बेहतर है।
बेंचमार्क को भी छोड़ा पीछे
यह फंड अपने बेंचमार्क इंडेक्स से भी काफी आगे रहा है। 3 साल की अवधि में, फंड ने बेंचमार्क के 9.3% की तुलना में 8.8% ज़्यादा रिटर्न दिया। वहीं, 1 साल की बात करें तो फंड ने 7.4% का रिटर्न दिया, जबकि बेंचमार्क 3.1% के नुकसान में रहा। यानी फंड ने 10.5% का आउटपरफॉर्मेंस दिखाया।
छोटी अवधि में भी दम
लंबे समय के प्रदर्शन के साथ-साथ, फंड ने छोटी अवधि में भी अपनी धाक जमाई है। पिछले 3 महीनों में फंड ने 13.0% का रिटर्न दिया। हालांकि, एक महीने की बात करें तो Sundaram Financial Services Opportunities Fund ने 8.6% रिटर्न के साथ बाजी मारी।
सेक्टर फंड्स में जोखिम
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि सेक्टर-स्पेसिफिक फंड्स, डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में ज़्यादा जोखिम भरे हो सकते हैं। ये फंड्स खासतौर पर बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियों में निवेश करते हैं, इसलिए ब्याज दरों, सरकारी नीतियों और क्रेडिट ग्रोथ जैसे फैक्टर इनके प्रदर्शन को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। फंड मैनेजर की सही पिकिंग और मार्केट को टाइम करने की क्षमता ही ऐसे फंड्स की सफलता की कुंजी है।
पुरानी परफॉर्मेंस भविष्य की गारंटी नहीं है। ऐसे फंड्स में निवेश करने से पहले पोर्टफोलियो की कंसिस्टेंसी, फंड मैनेजर का ट्रैक रिकॉर्ड और एक्सपेंस रेश्यो ज़रूर देख लें।
