भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए FY26 बेहद शानदार रहा है। सेक्टर का नेट प्रॉफिट **13.8%** बढ़कर **₹17,285 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे रेवेन्यू में आई **19%** की जबरदस्त तेजी मुख्य वजह रही है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू में बढ़ोतरी
FY26 के दौरान म्यूचुअल फंड कंपनियों ने शानदार ऑपरेशनल स्ट्रेंथ दिखाई है। पूरे सेक्टर का कुल रेवेन्यू 19% उछलकर ₹32,901 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसने 15.9% के खर्चों को पीछे छोड़ दिया है।
बड़े खिलाड़ियों का बोलबाला (Scale Advantage)
इंडस्ट्री में बड़े और मंझोले खिलाड़ियों के बीच फासला साफ दिख रहा है। SBI AMC, HDFC AMC और ICICI Prudential AMC जैसे बड़े नामों का कुल प्रॉफिट में हिस्सा 53.4% रहा है। इन दिग्गज कंपनियों ने अपनी मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और ब्रांड वैल्यू का फायदा उठाते हुए अपने ऑपरेशनल खर्चों को कम रखा है।
डिजिटल और टैलेंट पर भारी निवेश
ग्रोथ को बरकरार रखने के लिए फंड हाउस खर्च भी कर रहे हैं। सेक्टर में कर्मचारियों से जुड़े खर्च 18.5% बढ़कर ₹6,789 करोड़ हो गए हैं। इसके अलावा, Axis AMC, Nippon India AMC और ICICI Prudential AMC जैसी कंपनियों ने अपना टेक्नोलॉजी बजट ₹75 करोड़ के पार पहुंचा दिया है ताकि डिजिटल ट्रांजेक्शन को बेहतर बनाया जा सके।
आगे की चुनौतियां
सेक्टर का EBITDA मार्जिन 62.1% पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 61% था। हालांकि, मैनेजमेंट फीस में कमी और टेक्नोलॉजी पर बढ़ता खर्च आने वाले समय में मुनाफे पर दबाव डाल सकते हैं। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि छोटी कंपनियां बढ़ती चुनौतियों के बीच अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती हैं।
