भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की एक नई रिसर्च ने निवेशकों के पैसे लगाने के तरीके में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा किया है। डिपॉजिटरी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय परिवार अब सीधे स्टॉक ट्रेडिंग से हटकर अधिक सोचे-समझे तरीके से निवेश कर रहे हैं।
रिटेल निवेशक बेच रहे हैं शेयर
वित्तीय वर्ष (Financial Year) 2023 से 2025 के दौरान, भारतीय परिवारों ने जितना स्टॉक खरीदा, उससे कहीं ज़्यादा बेचा है। FY23 में, उन्होंने ₹27,684 करोड़ के शेयरों की नेट बिकवाली की। यह आंकड़ा FY24 में बढ़कर ₹69,329 करोड़ हो गया और FY25 में ₹54,786 करोड़ रहा। यह तब हुआ जब मुख्य स्टॉक इंडेक्स, सेंसेक्स (Sensex), FY23 की शुरुआत से FY25 के अंत तक लगभग 33% बढ़ा, जो 77,767 अंक तक पहुँच गया और सितंबर 2024 में 86,000 के करीब शिखर पर था।
म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ा
इसी समय, म्यूचुअल फंड में निवेशकों का पैसा खूब आया। FY25 में, इक्विटी म्यूचुअल फंड में परिवारों द्वारा निवेश की गई ₹6.9 लाख करोड़ की कुल राशि का लगभग 80% हिस्सा म्यूचुअल फंड में गया। FY24 में भी ऐसा ही पैटर्न देखा गया, जब ₹3.6 लाख करोड़ के निवेश में से 82% म्यूचुअल फंड में आया। SAMCO Group के फाउंडर और CEO, जिमीत मोदी (Jimeet Modi) ने बताया कि परिवार FY24 और FY25 में सीधे शेयरों के नेट सेलर (Net Seller) थे, और साथ ही इन अवधियों में रिकॉर्ड खरीदार के रूप में म्यूचुअल फंड में पैसा लगा रहे थे।
