Mutual Fund Inflow: बाजार में गिरावट के बावजूद निवेशकों का दम, इक्विटी फंड्स में आए ₹38,307 करोड़

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AuthorMehul Desai|Published at:
Mutual Fund Inflow: बाजार में गिरावट के बावजूद निवेशकों का दम, इक्विटी फंड्स में आए ₹38,307 करोड़

सितंबर 2026 में भारतीय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ₹38,307 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है। बाजार में 6.06% की गिरावट के बावजूद निवेशकों ने SIP के जरिए रिकॉर्ड ₹32,490 करोड़ का निवेश कर अपना भरोसा कायम रखा है।

भारतीय बाजार के लिए सितंबर का महीना उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन म्यूचुअल फंड निवेशकों ने परिपक्वता दिखाई है। बाजार में आई 6.06% की सुस्ती के बावजूद, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ₹38,307 करोड़ का शानदार निवेश आया है। यह आंकड़ा अगस्त के ₹29,328 करोड़ के मुकाबले 31% की बड़ी बढ़त दर्शाता है।

SIP बना निवेशकों का सबसे बड़ा हथियार

इस दौरान सबसे बड़ी खबर SIP का रिकॉर्ड प्रदर्शन रहा। निवेशकों ने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए कुल ₹32,490 करोड़ का निवेश किया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। यह दिखाता है कि भारतीय निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव से घबरा नहीं रहे हैं, बल्कि गिरावट को 'बाइंग अपॉर्चुनिटी' मानकर लंबी अवधि के लिए निवेश जारी रखे हुए हैं।

डेट फंड्स का हाल और सेगमेंट वाइज डेटा

जहां इक्विटी में खरीदारी हुई, वहीं पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में ₹1.33 लाख करोड़ का नेट आउटफ्लो रहा। इसकी बड़ी वजह डेट-ओरिएंटेड स्कीम्स रहीं, जिनसे ₹1.83 लाख करोड़ बाहर निकले।

इक्विटी के भीतर निवेश का ट्रेंड देखें तो:

  • स्मॉल-कैप फंड्स: ₹9,039 करोड़ का इनफ्लो
  • मिड-कैप फंड्स: ₹7,835 करोड़ का इनफ्लो
  • फ्लेक्सी-कैप फंड्स: ₹6,702 करोड़ का इनफ्लो

बाजार पर दबाव क्यों?

सितंबर में बाजार में रही गिरावट के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली एक मुख्य कारण रही। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। अब देखना यह होगा कि क्या घरेलू निवेशकों की यह ताकत विदेशी बिकवाली के सामने बाजार को सहारा दे पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.