Mutual Funds का बदलता चेहरा: SIP एसेट्स बढ़कर **35%** पर, युवाओं में निवेश का जबरदस्त क्रेज

MUTUAL-FUNDS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Mutual Funds का बदलता चेहरा: SIP एसेट्स बढ़कर **35%** पर, युवाओं में निवेश का जबरदस्त क्रेज

भारत में निवेश का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब रिटेल म्यूचुअल फंड एसेट्स में SIP की हिस्सेदारी बढ़कर **35%** हो गई है, जिसमें **30 साल** से कम उम्र के निवेशकों की संख्या **38%** तक पहुंच गई है।

SIP की बढ़ती लोकप्रियता

EY की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजारों में रिटेल निवेशकों के लिए SIP अब निवेश का सबसे पसंदीदा जरिया बन गया है। वित्त वर्ष 2019 में यह हिस्सा मात्र 19% था, जो अब बढ़कर 35% हो चुका है। खास बात यह है कि अब केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर, टॉप 110 शहरों के बाहर से भी 12% एसेट्स आ रहे हैं।

युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

निवेशकों के डेमोग्राफिक्स में बड़ा बदलाव आया है। 30 साल से कम उम्र के निवेशकों की संख्या अब 38% है, जो छह साल पहले महज 23% थी। इसके साथ ही, टॉप 30 शहरों के बाहर महिला निवेशकों की भागीदारी भी बढ़कर 25% पर पहुंच गई है।

डिजिटल पेमेंट्स बनाम इक्विटी मार्केट

भारत में UPI के 550 मिलियन से अधिक एक्टिव यूजर्स हैं, लेकिन इक्विटी मार्केट में अभी भी केवल 50 मिलियन सक्रिय निवेशक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्नोलॉजी की कमी नहीं, बल्कि भरोसा और सही फाइनेंशियल सलाह का अभाव मुख्य बाधा है। इस गैप को भरने के लिए 'वेल्थ स्टैक' (Wealth Stack) फ्रेमवर्क का प्रस्ताव दिया गया है, जो AI और डेटा के जरिए निवेशकों को सही समय पर सलाह देने पर केंद्रित होगा।

2035 का बड़ा लक्ष्य

अनुमान है कि भारत का इंडिविजुअल म्यूचुअल फंड एसेट्स 2035 तक $3 ट्रिलियन के पार पहुंच जाएगा। हालांकि, असली चुनौती सिर्फ खाते खोलना नहीं, बल्कि बाजार की उतार-चढ़ाव के दौरान नए निवेशकों को बनाए रखना और उन्हें पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के प्रति जागरूक करना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.