म्यूचुअल फंड AUM ₹82.22 लाख करोड़ के पार, SIP ने बनाया नया रिकॉर्ड!

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AuthorMehul Desai|Published at:
म्यूचुअल फंड AUM ₹82.22 लाख करोड़ के पार, SIP ने बनाया नया रिकॉर्ड!

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने जून 2026 में ₹82.22 लाख करोड़ के रिकॉर्ड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का आंकड़ा छुआ है। इसमें रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी **61%** रही। वहीं, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश **₹31,781 करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो इक्विटी और मल्टी-एसेट फंड्स में बढ़ती रिटेल भागीदारी को दर्शाता है।

Detailed Coverage

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का नया कीर्तिमान

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने जून 2026 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹82.22 लाख करोड़ हो गया है। पिछले साल की तुलना में इसमें 10.5% की ग्रोथ देखी गई है। यह सेक्टर लगातार बढ़ रहा है और पिछले एक दशक में इसने 20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) बनाए रखी है।

रिटेल निवेशकों का बढ़ा दबदबा

इस ग्रोथ में रिटेल निवेशकों का योगदान सबसे बड़ा रहा है। अब ये कुल एसेट्स का 61% हिस्सा नियंत्रित करते हैं, जो मई 2026 में 60% था। यह दिखाता है कि लोग अब पारंपरिक सेविंग स्कीम्स की जगह मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में पैसा लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वहीं, इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के पास 39% एसेट्स हैं।

SIP में रिकॉर्ड तोड़ इनफ्लो

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए होने वाला निवेश जून 2026 में रिकॉर्ड ₹31,781 करोड़ पर पहुंच गया। यह जून 2025 के ₹27,269 करोड़ की तुलना में 17% ज्यादा है। एक्टिव SIP अकाउंट्स की संख्या 14.4% बढ़कर 10.52 करोड़ हो गई है। हर SIP अकाउंट से औसत निवेश भी बढ़कर ₹3,022 हो गया है। इसका मतलब है कि रिटेल निवेशक न सिर्फ ज्यादा संख्या में जुड़ रहे हैं, बल्कि हर महीने ज्यादा पैसा भी लगा रहे हैं।

एसेट एलोकेशन का ट्रेंड

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश सबसे ज्यादा है, जिनका AUM 11.5% बढ़कर ₹37.38 लाख करोड़ हो गया है। इसमें मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्कीम्स निवेशकों की पसंदीदा बनी हुई हैं। इक्विटी के अलावा, मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स (जो इक्विटी, डेट और कमोडिटी में निवेश करते हैं) भी लोकप्रिय हो रहे हैं। इन्हें जून में ही ₹4,811 करोड़ का इनफ्लो मिला और इनका कुल AUM ₹1.96 लाख करोड़ हो गया है।

प्रीशियस मेटल्स ETFs की धूम

गोल्ड ETF एसेट्स एक साल में दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1.70 लाख करोड़ हो गए हैं, जबकि सिल्वर ETF चार गुना बढ़कर ₹0.79 लाख करोड़ हो गए हैं। निवेशक महंगाई और मार्केट वोलेटिलिटी से बचाव के लिए सोने और चांदी में निवेश बढ़ा रहे हैं।

छोटे शहरों से बढ़ रही भागीदारी

अब म्यूचुअल फंड में निवेश सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। टॉप 30 शहरों (B30) का इंडस्ट्री AUM में योगदान जून 2026 तक बढ़कर 19% हो गया है, जो 2020 के अंत में 16% था। महाराष्ट्र अब भी म्यूचुअल फंड एसेट्स के मामले में सबसे आगे है, लेकिन दिल्ली जैसे राज्यों में 40% की सालाना ग्रोथ देखी गई है। अब देखना यह होगा कि क्या ये रिकॉर्ड SIP इनफ्लो जारी रह पाते हैं, खासकर अगर मार्केट में ज्यादा उतार-चढ़ाव आता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.