Mutual Fund Industry: ₹85 लाख करोड़ के पार पहुंचा AUM, लेकिन ग्लोबल मार्केट के मुकाबले अभी भी पीछे

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AuthorMehul Desai|Published at:
Mutual Fund Industry: ₹85 लाख करोड़ के पार पहुंचा AUM, लेकिन ग्लोबल मार्केट के मुकाबले अभी भी पीछे

जुलाई 2026 तक भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल AUM **₹85.76 लाख करोड़** के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। SIP के जरिए आ रहे रिकॉर्ड निवेश ने इसे नई रफ्तार दी है, लेकिन ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के मुकाबले भारत का **21%** AUM-to-GDP रेशियो अभी भी काफी कम है।

भारत में म्यूचुअल फंड के प्रति बढ़ते क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई 2026 तक इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹85.76 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी ताकत मंथली ₹30,000 करोड़ से ज्यादा का SIP इनफ्लो है। रिटेल निवेशकों की भागीदारी का आलम यह है कि कुल म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या 28.09 करोड़ के पार पहुंच गई है, जो यह साबित करता है कि भारतीय अब सोने और रियल एस्टेट से पैसा निकालकर फाइनेंशियल एसेट्स में लगा रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट से तुलना

तेजी के बावजूद, भारत अभी भी ग्लोबल लेवल पर काफी पीछे है। भारत का AUM-to-GDP रेशियो करीब 21% है। तुलना करें तो ब्राजील का यह आंकड़ा 72%, मलेशिया का 52% और दक्षिण अफ्रीका का 34% है। इससे साफ है कि भारतीय म्यूचुअल फंड सेक्टर के पास लॉन्ग टर्म में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन हम अभी भी मैच्योर इकॉनमी के मुकाबले शुरुआती दौर में हैं।

डोमेस्टिक इनफ्लो बना ढाल

साल 2026 में एक बड़ा बदलाव यह देखने को मिला है कि घरेलू निवेश ने मार्केट को मजबूती दी है। जब-जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पैसा निकाला है, SIP के जरिए आने वाले अनुशासनपूर्ण निवेश ने मार्केट में लिक्विडिटी बनाए रखी है। इससे भारतीय बाजार की विदेशी हलचल पर निर्भरता कम हुई है।

रिस्क और सावधानी

हालांकि ग्रोथ की कहानी मजबूत है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि कॉरपोरेट अर्निंग्स और हाई वैल्युएशन के बीच एक अंतर पैदा हो गया है। अगर मार्केट की कीमतें कमाई से बहुत ज्यादा भागती हैं, तो यह 'म्यूचुअल फंड बबल' जैसी चर्चाओं को जन्म दे सकता है। इसके अलावा, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में कंसंट्रेशन रिस्क को लेकर रेगुलेटरी लेवल पर भी नजर रखी जा रही है। निवेशकों को सलाह है कि वे अर्निंग्स पर नजर रखें और SEBI के नियमों में आने वाले बदलावों पर अपडेट रहें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.