ICICI Prudential Mutual Fund ने अपने नए 'Life Cycle Funds' के लिए सब्सक्रिप्शन खोल दिया है। यह स्कीम SEBI के नए निर्देशों पर आधारित है, जो मैच्योरिटी के करीब आते ही निवेश को इक्विटी से डेट (Debt) में खुद-ब-खुद शिफ्ट कर देती है।
क्या है SEBI का नया कॉन्सेप्ट?
फरवरी 2026 में SEBI ने 'Life Cycle Funds' को एक नई कैटेगरी के तौर पर लॉन्च किया था, जिसका मकसद गोल-बेस्ड इन्वेस्टिंग को आसान बनाना है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए ICICI Prudential ने 2031, 2036 और 2041 में मैच्योर होने वाले तीन फंड पेश किए हैं। इन NFOs में निवेश के लिए 9 सितंबर, 2026 तक का समय दिया गया है।
कैसे काम करता है 'ग्लाइड पाथ'?
इन फंड्स की सबसे बड़ी खासियत 'ग्लाइड पाथ' (Glide Path) है। यह एक प्री-डिफाइंड स्ट्रैटेजी है जो समय के साथ एसेट एलोकेशन को खुद एडजस्ट करती है। शुरुआत में फंड का ज्यादा हिस्सा इक्विटी में रहता है ताकि पैसा तेजी से ग्रो करे, लेकिन जैसे-जैसे मैच्योरिटी नजदीक आती है, सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से कैपिटल को इक्विटी से निकालकर सुरक्षित डेट सिक्योरिटीज़ में डाल देता है। इससे मैच्योरिटी के वक्त मार्केट की उठा-पटक का असर आपके फंड पर कम पड़ता है।
क्या ध्यान रखें?
यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो रिटायरमेंट या बच्चों की पढ़ाई जैसे लॉन्ग-टर्म गोल्स के लिए निवेश कर रहे हैं और मैनुअल री-बैलेंसिंग से बचना चाहते हैं। हालांकि, ये कोई फिक्स्ड रिटर्न स्कीम नहीं है और मार्केट रिस्क इसमें हमेशा बना रहेगा।
एग्जिट और टैक्स के नियम
भले ही ये फंड्स एक निश्चित समय के लिए बने हों, लेकिन ये ओपन-एंडेड हैं, यानी आप कभी भी पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि, अनुशासन बनाए रखने के लिए पहले साल में पैसा निकालने पर 3% तक का एग्जिट लोड लग सकता है। इसके अलावा, इक्विटी-ओरिएंटेड होने के कारण इसमें टैक्स के नियम सामान्य इक्विटी म्यूचुअल फंड्स जैसे ही लागू होंगे।
