ICICI Prudential Flexicap Fund ने अपने लॉन्च से अब तक निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 5 साल पहले लगाए ₹10 लाख आज ₹19.61 लाख हो गए हैं, जो बेंचमार्क BSE 500 TRI से कहीं बेहतर प्रदर्शन है।
5 साल में दिखा दमदार प्रदर्शन!
ICICI Prudential Flexicap Fund ने 5 साल का सफर पूरा कर लिया है और इस दौरान इसने अपने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। 30 जून 2026 तक, फंड ने 14.55% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। इसका मतलब है कि अगर किसी निवेशक ने जुलाई 2021 में फंड की शुरुआत में एकमुश्त ₹10 लाख लगाए थे, तो 30 जून 2026 तक वो रकम बढ़कर ₹19.61 लाख हो गई।
यह प्रदर्शन फंड के बेंचमार्क, BSE 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) से काफी बेहतर है, जिसने इसी अवधि में 11.88% का CAGR दिया।
SIP निवेशकों को भी मिला फायदा
सिर्फ एकमुश्त निवेश ही नहीं, बल्कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश करने वालों को भी फायदा हुआ है। अगर किसी ने हर महीने ₹10,000 का निवेश किया, तो 5 साल में कुल ₹6 लाख लगे और पोर्टफोलियो का मूल्य लगभग ₹8.47 लाख हो गया। SIP के जरिए 13.83% का CAGR मिला, जबकि BSE 500 TRI में यही निवेश 10.43% CAGR देता।
फंड की रणनीति: लार्ज, मिड और स्मॉल कैप का संगम
यह फंड अपनी फ्लेक्सी-कैप रणनीति के तहत लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप सभी तरह की कंपनियों में निवेश करता है। 30 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, फंड का 61% हिस्सा लार्ज-कैप कंपनियों में, 25% स्मॉल-कैप कंपनियों में और 9% मिड-कैप कंपनियों में निवेशित था। फंड खास तौर पर कंजम्पशन सेक्टर पर फोकस करता है और बॉटम-अप अप्रोच से स्टॉक चुनता है, यानी फंड मैनेजर कंपनी की अपनी मजबूती और ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
जोखिमों को समझना भी जरूरी
जहां 5 साल का रिटर्न शानदार है, वहीं निवेशकों को फ्लेक्सी-कैप फंड्स के जोखिमों को भी समझना चाहिए। ये फंड बाजार के माहौल के हिसाब से अपनी निवेश रणनीति बदलते रहते हैं। स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में निवेश करने से संभावित रिटर्न तो बढ़ता है, लेकिन बाजार में गिरावट आने पर इनमें ज्यादा वोलेटिलिटी (उतार-चढ़ाव) भी देखने को मिलती है।
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं होता। फंड का भविष्य बाजार की चाल और कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। लंबी अवधि में पैसा बनाने की सोच रखने वाले निवेशकों को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर ही इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहिए।
