ICICI Prudential के डायनामिक एसेट एलोकेशन एक्टिव फंड-ऑफ-फंड (Dynamic Asset Allocation Active Fund-of-Fund) ने जून महीने में **1.9%** का शानदार रिटर्न दिया है। यह रिटर्न इसके बेंचमार्क इंडेक्स से **1.5%** ज़्यादा रहा, जिसने **0.4%** का रिटर्न दिया।
क्या हुआ?
ACE MF के 25 जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, ICICI Prudential Dynamic Asset Allocation Active Fund-of-Fund हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड कैटेगरी में पिछले महीने सबसे अव्वल रहा। इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹28,240.8 करोड़ है।
समय के साथ क्यों बदलता है प्रदर्शन?
यह आम बात है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में समय के साथ फंड्स की रैंकिंग बदलती रहती है। जहां यह डायनामिक एसेट एलोकेशन फंड एक महीने के चार्ट में टॉप पर रहा, वहीं इसी फंड हाउस के दूसरे फंड्स ने लंबी अवधि में बेहतर प्रदर्शन किया है।
उदाहरण के लिए, ICICI Pru Income plus Arbitrage Omni Fund-of-Fund ने छह महीने में 3.3% और एक साल में 6.3% रिटर्न के साथ टॉप पोजिशन हासिल की। वहीं, तीन साल के आधार पर ICICI Pru Aggressive Hybrid Active Fund-of-Fund ने 15.1% का रिटर्न देकर बाजी मारी। यह प्रदर्शन दिखाता है कि सिर्फ एक महीने के प्रदर्शन को देखकर निवेश का फैसला लेना सही नहीं है।
फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) को समझें
फंड-ऑफ-फंड (FoF) एक ऐसा म्यूचुअल फंड होता है जो सीधे स्टॉक या बॉन्ड में निवेश करने के बजाय दूसरे म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाता है। यह फंड मैनेजर को जोखिम और रिटर्न को मैनेज करने के लिए विभिन्न अंडरलाइंग फंड्स का एक पोर्टफोलियो बनाने की सुविधा देता है। क्योंकि FoF का प्रदर्शन उसके चुने हुए अंडरलाइंग फंड्स पर निर्भर करता है, यह स्टैंडर्ड इक्विटी या डेट फंड्स से अलग व्यवहार कर सकता है। निवेशक अक्सर डायवर्सिफिकेशन (विविधता) के लिए इन फंड्स को चुनते हैं, क्योंकि वे एक ही निवेश के माध्यम से कई रणनीतियों में एक्सपोजर प्राप्त करते हैं।
लंबी अवधि के नज़रिए का महत्व
फंड के प्रदर्शन को देखते हुए, एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि केवल एक या छह महीने के रिटर्न से फंड की क्वालिटी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। मार्केट अपने साइकल्स से गुजरते हैं, और अलग-अलग रणनीतियाँ - जैसे डायनामिक एसेट एलोकेशन, आर्बिट्रेज, या एग्रेसिव हाइब्रिड - इन साइकल्स के दौरान अलग-अलग प्रदर्शन करती हैं।
पिछले एक साल में, डायनामिक एसेट एलोकेशन फंड ने अपने बेंचमार्क को 6.5% के पॉइंट से पीछे छोड़ दिया, लेकिन हो सकता है कि अन्य फंड्स अलग-अलग निवेशक समय-सीमाओं के लिए बेहतर हों। तीन महीने से ज़्यादा की अवधि के रिटर्न कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के आधार पर कैलकुलेट किए जाते हैं, जो साल भर के रिटर्न को स्मूथ करते हैं, जबकि छोटी अवधियों को आमतौर पर एब्सोल्यूट रिटर्न के रूप में दिखाया जाता है। निवेशकों के लिए यह ज़्यादा उपयोगी हो सकता है कि वे फंड को तीन से पांच साल की अवधि में देखें कि क्या फंड मैनेजर लगातार फंड के उद्देश्य को पूरा कर रहा है, बजाय इसके कि वे सिर्फ छोटी अवधि के मासिक लाभ के पीछे भागें।
