ICICI Prudential Contra Fund का NFO आज यानी **12 अक्टूबर, 2026** को बंद हो रहा है। CIO Sankaran Naren के नेतृत्व में यह फंड उन अंडरवैल्यूड (undervalued) स्टॉक्स पर दांव लगाएगा जिन्हें मार्केट अक्सर अनदेखा कर देता है।
निवेश की रणनीति और मार्केट आउटलुक
इस फंड का मुख्य उद्देश्य 'कॉन्ट्रेरियन' (contrarian) निवेश रणनीति अपनाना है, जिसका अर्थ है भीड़ से अलग हटकर निवेश करना। ICICI Prudential Asset Management के CIO Sankaran Naren का मानना है कि यह केवल खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों को चुनने के बारे में नहीं है, बल्कि उन सेक्टर्स की पहचान करने के बारे में है जो बाजार की नकारात्मकता के कारण अपने सही मूल्य (value) से नीचे कारोबार कर रहे हैं। इस फंड का बेंचमार्क Nifty 500 TRI रखा गया है।
सतर्क रहने की सलाह
हालांकि यह एक वैल्यू-फोकस्ड फंड है, लेकिन मैनेजमेंट ने मौजूदा बाजार स्थितियों को लेकर सतर्कता बरती है। Sankaran Naren ने स्पष्ट किया है कि स्मॉल-कैप, मिड-कैप और एआई (AI) से जुड़ी कंपनियों के वैल्युएशन फिलहाल काफी महंगे हैं। इस चेतावनी का सीधा असर फंड की सिलेक्शन प्रक्रिया पर दिखेगा, जहाँ टीम अंधाधुंध खरीदारी के बजाय चयनात्मक (selective) दृष्टिकोण अपनाएगी।
लॉन्ग-टर्म निवेश क्यों जरूरी है?
कॉन्ट्रेरियन निवेश रातों-रात मुनाफा नहीं देता। इस रणनीति को काम करने में लंबा समय लग सकता है, इसलिए इस फंड में 5 साल से अधिक के होराइजन के साथ निवेश करना सही माना जाता है। इसे पोर्टफोलियो के 'कोर' हिस्से के बजाय एक 'सैटेलाइट' निवेश के रूप में देखना चाहिए, जो बाजार की अस्थिरता के समय पोर्टफोलियो में विविधता लाता है।
जोखिम और चुनौतियां
फिलहाल मार्केट भू-राजनीतिक तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और हाई US ट्रेजरी यील्ड जैसे दबावों से जूझ रहा है। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि यदि बाजार का रुख बदलने में उम्मीद से अधिक समय लगता है, तो फंड का प्रदर्शन लंबे समय तक बेंचमार्क से पीछे रह सकता है। पोर्टफोलियो में पारदर्शिता और मैनेजमेंट का चयनात्मक नजरिया ही भविष्य में इस फंड के प्रदर्शन को तय करेगा।
