ICICI Prudential AMC ने बाजार की वोलेटिलिटी (Volatility) को देखते हुए निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स को **30%** से ज्यादा न रखने की सलाह दी है।
पोर्टफोलियो को सुरक्षित बनाने का फॉर्मूला
ICICI Prudential AMC का मानना है कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव बड़े शेयरों की तुलना में काफी ज्यादा होता है। इसलिए, जोखिम को संतुलित करने के लिए इन्हें कुल निवेश के 30% तक ही सीमित रखना समझदारी है।
कोर-सैटेलाइट (Core-Satellite) रणनीति का महत्व
फंड हाउस 'कोर-सैटेलाइट' अप्रोच की वकालत कर रहा है। इसमें 30% से 50% निवेश को हाइब्रिड फंड्स जैसे 'बैलेंस्ड एडवांटेज' या 'मल्टी-एसेट फंड्स' में रखने को कहा गया है। यह हिस्सा मार्केट में गिरावट के दौरान एक 'बफर' (Buffer) का काम करता है, जिससे पोर्टफोलियो सुरक्षित रहता है।
कितने फंड्स रखने चाहिए?
कई निवेशक जरूरत से ज्यादा स्कीम्स में पैसा लगा देते हैं, जिससे 'परफॉर्मेंस डाइल्यूशन' (Performance Dilution) का खतरा रहता है। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि पोर्टफोलियो में 12 से 14 से ज्यादा स्कीम्स न हों, ताकि ट्रैकिंग आसान रहे और एक्टिव मैनेजमेंट का पूरा फायदा मिले।
कहां दिख रहे हैं मौके?
मार्केट में हालिया करेक्शन के बाद प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर अब आकर्षक लग रहा है। इसके अलावा, FMCG, एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छे मौके बन रहे हैं। विदेशी निवेशकों (FIIs) का रुख स्थिर होने से बैंकिंग सेक्टर में फिर से तेजी की उम्मीद है।
