ICICI Pru Income plus Arbitrage Omni FOF ने पिछले 6 महीनों में **3.2%** का शानदार रिटर्न देकर हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) कैटेगरी में टॉप पोजिशन हासिल की है। 24 जून के आंकड़ों के अनुसार, यह फंड सबसे आगे रहा। हालांकि, अलग-अलग समय-सीमाओं में फंड की परफॉर्मेंस बदल जाती है, जैसे कि 3 महीने और 3 साल की अवधि में दूसरे फंड्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है। यह दिखाता है कि लंबी अवधि का नजरिया कितना ज़रूरी है।
क्या हुआ?
ACE MF से 24 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक, ICICI Pru Income plus Arbitrage Omni FOF ने हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) कैटेगरी में 6 महीने की अवधि में 3.2% का रिटर्न देकर पहला स्थान हासिल किया है। इस अवधि में Bandhan Income Plus Arbitrage Active FOF ने 3.1% और Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने 2.9% का रिटर्न दिया। इस लिस्ट में कम से कम ₹1,500 करोड़ की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट वाले स्कीम्स शामिल हैं। टॉप 5 परफॉर्मर्स में Kotak Income Plus Arbitrage Omni FOF सबसे बड़ा फंड है, जिसका एसेट साइज ₹7,592 करोड़ से ज़्यादा है।
समय-सीमा का खेल
हालांकि ICICI Pru का फंड 6 महीने के हिसाब से सबसे आगे है, पर फंड की परफॉरमेंस समय-सीमा के आधार पर काफी बदल सकती है। उदाहरण के लिए, 3 महीने की अवधि में Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने 8.9% का रिटर्न देकर बाजी मारी। वहीं, 3 साल की अवधि पर नज़र डालें तो Nippon India Multi-Asset Omni FoF ने ही 18.3% रिटर्न के साथ टॉप किया। ये बदलाव इस बात को दर्शाते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय, जो फंड छोटी अवधि में अच्छा करता है, ज़रूरी नहीं कि लंबी अवधि में भी वैसा ही प्रदर्शन करे। निवेशक अलग-अलग समय-सीमाओं में अलग-अलग विनर देखते हैं, इसलिए सिर्फ हाल की रैंकिंग पर ध्यान देने के बजाय फंड की कंसिस्टेंसी देखना ज़रूरी है।
फंड-ऑफ-फंड्स का स्ट्रक्चर समझना
यह जानना ज़रूरी है कि हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) असल में काम कैसे करते हैं। सीधे स्टॉक्स या बॉन्ड्स खरीदने वाले स्टैंडर्ड म्यूचुअल फंड के विपरीत, FoF दूसरे म्यूचुअल फंड स्कीम्स में निवेश करते हैं। इसका मकसद कई अलग-अलग फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करके डाइवर्सिफिकेशन (विविधता) देना होता है। लेकिन, चूंकि ये फंड्स दूसरे फंड्स में पैसा लगाते हैं, इसलिए इनकी कॉस्ट स्ट्रक्चर थोड़ी अलग होती है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि FoFs में स्टैंडर्ड फंड्स की तुलना में ज़्यादा एक्सपेंस रेश्यो (खर्च का अनुपात) हो सकता है, क्योंकि इसमें मैनेजमेंट कॉस्ट की दो परतें होती हैं - एक उन फंड्स की जिनका पैसा लगाया गया है, और दूसरी FoF की अपनी। यह अतिरिक्त लागत लंबे समय में निवेशकों के कुल रिटर्न को प्रभावित कर सकती है।
निवेशक इसे कैसे देखें?
किसी फंड का मूल्यांकन करते समय, उसके बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन को देखना एक आम तरीका है। ICICI Pru Income plus Arbitrage Omni FOF ने अपने बेंचमार्क के मुकाबले लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, इसने एक साल की अवधि में अपने बेंचमार्क को 4.5% पॉइंट्स और तीन साल की अवधि में 3.7% पॉइंट्स से पीछे छोड़ दिया। यह एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन निवेशकों को इन मेट्रिक्स को फंड के एक्सपेंस रेश्यो और उसके द्वारा चुने गए अंडरलाइंग फंड्स की रणनीति जैसे अन्य कारकों के साथ संतुलित करना चाहिए।
आगे क्या देखना चाहिए?
हाइब्रिड FoFs में निवेश करने वाले निवेशकों को सिर्फ लेटेस्ट रैंकिंग टेबल से आगे देखना चाहिए। कुछ खास बातें जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है, उनमें शामिल हैं: फंड का अलग-अलग मार्केट साइकल्स में लगातार प्रदर्शन, उसका एक्सपेंस रेश्यो, और FoF जिन दूसरे फंड्स में निवेश करता है, उनके पोर्टफोलियो की जानकारी। यह समझना महत्वपूर्ण है कि क्या फंड स्मार्ट एसेट एलोकेशन के ज़रिए रिटर्न दे रहा है या सिर्फ मार्केट ट्रेंड्स को फॉलो कर रहा है। इन बातों पर लंबी अवधि के नजरिए के साथ ध्यान देने से, शॉर्ट-टर्म रैंकिंग में उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देने के बजाय ज़्यादा बेहतर फैसले लिए जा सकते हैं।
