ICICI Pru Hybrid FOF: 1 महीने में टॉप पर, पर लंबी अवधि के लिए कौन बेहतर?

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AuthorNeha Patil|Published at:
ICICI Pru Hybrid FOF: 1 महीने में टॉप पर, पर लंबी अवधि के लिए कौन बेहतर?

ICICI Prudential Aggressive Hybrid Active Fund of Funds (FOF) ने पिछले महीने **2.8%** का शानदार रिटर्न देकर अपनी कैटेगरी में बाजी मारी है। लेकिन, क्या यह लंबी अवधि के लिए भी बेस्ट है? आइए जानते हैं।

ICICI Prudential FOF का जलवा

अगस्त 2026 की शुरुआत तक के आंकड़ों के अनुसार, ICICI Prudential Aggressive Hybrid Active Fund of Funds (FOF) ने पिछले महीने 2.8% का रिटर्न दर्ज किया है। यह हाइब्रिड फंड-ऑफ-फंड्स कैटेगरी में सबसे ऊपर रहा और अपने बेंचमार्क इंडेक्स को 1.2% अंकों से पीछे छोड़ दिया। इस प्रदर्शन ने उन निवेशकों का ध्यान खींचा है जो मंथली मार्केट मूवमेंट पर नजर रखते हैं।

क्या है इस फंड की खासियत?

यह फंड, जिसका एसेट लगभग ₹9,265 करोड़ है, मुख्य रूप से दूसरे एक्टिव इक्विटी और डेट-ओरिएंटेड स्कीम्स में निवेश करता है। "एग्रेसिव" स्ट्रेटेजी के कारण, यह फंड इक्विटी मार्केट्स में हाई एक्सपोजर बनाए रखता है। इसलिए, यह केवल उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जिनका रिस्क लेने की क्षमता "बहुत हाई" है। यह एक फंड ऑफ फंड्स होने के नाते, इसका प्रदर्शन काफी हद तक फंड मैनेजर्स द्वारा चुनी गई अंडरलाइंग स्कीम्स के मैनेजमेंट पर निर्भर करता है।

शॉर्ट-टर्म रिटर्न से आगे देखें

जहां 2.8% का गेन शॉर्ट-टर्म के लिए अच्छा संकेत है, वहीं म्यूचुअल फंड्स में परफॉर्मेंस साइक्लिकल होती है। सिर्फ एक महीने के रिटर्न पर ध्यान देना भ्रामक हो सकता है। लंबी अवधि, जैसे तीन साल, को देखें तो Kotak Multi Asset Omni FOF जैसे अन्य स्कीम्स 15.4% तक का रिटर्न दिखा चुके हैं। इससे पता चलता है कि जो फंड एक महीने में टॉप पर है, वह जरूरी नहीं कि लंबी अवधि में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करे।

लागत और जोखिम का भी रखें ध्यान

रिटर्न के अलावा, निवेशकों को फंड से जुड़ी लागतों पर भी गौर करना चाहिए। ICICI Prudential फंड के रेगुलर प्लान का एक्सपेंस रेशियो लगभग 1.49% है। यह फीस फंड की एसेट्स से काटी जाती है और सीधे निवेशक के नेट रिटर्न को प्रभावित करती है। इसके अलावा, अगर एक साल के अंदर यूनिट्स रिडीम की जाती हैं, तो 1% का एग्जिट लोड भी लगता है। ये चार्जेज, इक्विटी-हेवी रिस्क के साथ मिलकर, किसी भी निवेशक के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर हैं।

लंबी अवधि के लिए क्या है सही?

मार्केट डेटा बताता है कि शॉर्ट-टर्म में लीडरशिप बहुत वोलेटाइल होती है। लंबी अवधि में वेल्थ बनाने वाले निवेशकों के लिए, मंथली फ्लक्चुएशन पर रिएक्ट करने के बजाय तीन और पांच साल की अवधि में फंड के प्रदर्शन का विश्लेषण करना बेहतर होता है। सबसे जरूरी है कि निवेशक यह देखें कि फंड की इन्वेस्टमेंट स्टाइल उनकी रिस्क टॉलरेंस और टाइम होराइजन से मेल खाती है या नहीं, चाहे वह मंथली रैंकिंग में कहीं भी हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.