ICICI Prudential Pharma Healthcare & Diagnostics (P.H.D) Fund ने पिछले 3 सालों में **25.3%** का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज करके अपने सेक्टर के दूसरे फंड्स को पीछे छोड़ दिया है। **₹1,500 करोड़** से ज़्यादा एसेट्स वाले फंड्स में इसकी परफॉरमेंस सबसे अच्छी रही है।
फंड्स के बीच मुकाबला
ACE MF के 7 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, ICICI Pru P.H.D Fund ने 3 साल की अवधि में 23.9% रिटर्न देने वाले SBI Healthcare Opportunities Fund और 23.8% रिटर्न वाले Mirae Asset Healthcare Fund को पीछे छोड़ दिया है।
बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन
यह फंड अपने बेंचमार्क इंडेक्स से काफी आगे रहा है। 3 साल में फंड ने 16% ज़्यादा रिटर्न दिया, जबकि इंडेक्स सिर्फ 9.3% ही कमा पाया। पिछले साल जब बेंचमार्क इंडेक्स 3.1% नीचे गिरा था, तब भी इस फंड ने 11.2% ज़्यादा बेहतर परफॉरमेंस दी।
शॉर्ट-टर्म परफॉरमेंस और रिस्क
हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि सेक्टर-स्पेसिफिक फंड्स की परफॉरमेंस समय के साथ बदलती रहती है। 3 महीने में DSP Healthcare Fund ने 21.2% और 1 साल में Mirae Asset Healthcare Fund ने 13.7% रिटर्न दिया है। SBI Healthcare Opportunities Fund ने पिछले 1 महीने में 6.0% का फायदा दिखाया है।
सेक्टर-फंडिंग के अपने रिस्क
हेल्थकेयर और फार्मा जैसे सेक्टर-फोकस्ड फंड्स में डाइवरसिफाइड म्यूचुअल फंड्स की तुलना में ज़्यादा रिस्क होता है। ये फंड्स पूरी तरह से हेल्थकेयर सेक्टर पर ही केंद्रित होते हैं, इसलिए सरकारी रेगुलेशन, दवा की कीमतें, पेटेंट और सप्लाई चेन जैसी चीज़ों से बहुत ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं। अगर पूरा सेक्टर दबाव में आता है, तो ऐसे फंड्स को नुकसान से बचाने के लिए कोई दूसरा सहारा नहीं होता। इसलिए, निवेशक को अपनी रिस्क लेने की क्षमता देखकर ही ऐसे फंड्स में पैसा लगाना चाहिए और इन्हें अपने पोर्टफोलियो का सिर्फ एक छोटा हिस्सा बनाना चाहिए।
