बाजार में जारी अस्थिरता के बीच ICICI Prudential AMC के CIO शंकरण नरेन ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जियो-पॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर को देखते हुए उन्होंने केवल इक्विटी पर निर्भर रहने के बजाय पोर्टफोलियो में डेट और इक्विटी का सही संतुलन बनाने पर जोर दिया है।
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल बड़े उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है। इसे देखते हुए ICICI Prudential Asset Management Company के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CIO शंकरण नरेन ने निवेशकों को अपनी एसेट एलोकेशन रणनीति पर दोबारा गौर करने की सलाह दी है। मौजूदा माहौल में जियो-पॉलिटिकल तनाव, अमेरिका में ऊंचे ब्याज दर और कच्चे तेल की कीमतों का $107-$108 प्रति बैरल के पास रहना बाजार पर भारी दबाव डाल रहा है।
इक्विटी के साथ संतुलन जरूरी
नरेन का मानना है कि जो निवेशक सिर्फ इक्विटी पर दांव लगा रहे हैं, वे इस अस्थिरता में भारी मानसिक और वित्तीय तनाव झेल सकते हैं। वे हाइब्रिड या एसेट-एलोकेशन मॉडल्स अपनाने की सलाह देते हैं। इक्विटी, डेट और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट का सही मिश्रण बाजार की गिरावट के दौरान एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। लक्ष्य बाजार से बाहर निकलना नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो को बेवजह के रिस्क से बचाना है।
कॉन्ट्रैरियन अप्रोच की ताकत
विविधीकरण के अलावा, नरेन ने 'कॉन्ट्रैरियन इन्वेस्टमेंट' (Contrarian Investment) की वकालत की है। इसका मतलब है उन क्वालिटी शेयरों को ढूंढना जो बाजार की गलतफहमी या सेंटीमेंट के कारण पिट गए हैं, जबकि उनका बिजनेस फंडामेंटल मजबूत है। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में ऐसे कई मौके हो सकते हैं जहां कंपनी का परफॉर्मेंस स्थिर है, लेकिन कीमत में करेक्शन देखने को मिला है।
Q2 नतीजों की आहट
कॉर्पोरेट जगत अब दूसरी तिमाही के नतीजों (Earnings Season) की ओर बढ़ रहा है। ICICI Prudential AMC ने अपनी Q2 FY27 अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल 12 अक्टूबर, 2026 के लिए निर्धारित की है। इसके अलावा, 13 अक्टूबर, 2026 को ICICI Prudential Life Insurance की कॉन्फ्रेंस कॉल भी होगी। निवेशक इन अपडेट्स पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं ताकि यह समझा जा सके कि बड़ी संस्थाएं अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और ग्लोबल मार्केट के दबाव को कैसे मैनेज कर रही हैं।
