HSBC Large & Mid Cap Fund ने मारी बाजी! 1 साल में **11%** रिटर्न, बेंचमार्क को छोड़ा पीछे

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AuthorNeha Patil|Published at:
HSBC Large & Mid Cap Fund ने मारी बाजी! 1 साल में **11%** रिटर्न, बेंचमार्क को छोड़ा पीछे

HSBC Large & Mid Cap Fund ने अपनी कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक साल में **11%** का रिटर्न दिया है, जो इसके बेंचमार्क इंडेक्स से कहीं ज़्यादा है। यह फंड के कंसिस्टेंट परफॉरमेंस को दिखाता है, हालांकि, यह भी याद रखना ज़रूरी है कि अलग-अलग टाइमफ्रेम पर लीडरशिप बदलती रहती है, जैसे Sundaram और Invesco जैसे फंड्स के साथ देखा गया है।

HSBC फंड ने मारी बाजी

लार्ज-एंड-मिड-कैप म्यूचुअल फंड कैटेगरी में HSBC Large & Mid Cap Fund ने टॉप पोजिशन हासिल की है। इस फंड ने 28 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 11.0% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रिटर्न दिया है। वहीं, इसी दौरान Quant Large & Mid Cap Fund ने 8.7% और Sundaram Large & Mid Cap Fund ने 8.6% का रिटर्न दिया है।

बेंचमार्क को मात देने की क्षमता

निवेशकों के लिए फंड की बेंचमार्क के मुकाबले रिटर्न देने की क्षमता एक अहम पैमाना है। पिछले एक साल में, HSBC Large & Mid Cap Fund ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को 12.7 प्रतिशत पॉइंट्स से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि बेंचमार्क का रिटर्न -1.7% रहा। यही नहीं, तीन साल के टाइमफ्रेम में भी इस फंड ने बेंचमार्क को 9.2 प्रतिशत पॉइंट्स से पीछे छोड़ा, जहां बेंचमार्क ने 8.2% का रिटर्न दिया था।

बाज़ार में लगातार बदलती लीडरशिप

हालांकि, बाज़ार में लीडरशिप कभी भी एक जैसी नहीं रहती। छोटे समय-सीमाओं को देखें तो अलग-अलग फंड्स की ताकत अलग-अलग दिखती है। उदाहरण के लिए, Sundaram Large & Mid Cap Fund ने एक महीने में सबसे ज़्यादा 2.5% का रिटर्न दिया, जबकि Invesco India Large & Mid Cap Fund ने तीन महीने में 10.2% रिटर्न के साथ टॉप पोजिशन बनाई। यह दिखाता है कि निवेशकों के लिए सिर्फ एक आंकड़े पर निर्भर रहने के बजाय, फंड की कंसिस्टेंसी को जानने के लिए उसे अलग-अलग समय-सीमाओं पर परखना कितना ज़रूरी है।

फंड का आकार और लिक्विडिटी

यह परफॉरमेंस का डेटा उन स्कीम्स के लिए है जिनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) कम से कम ₹1,500 करोड़ है। टॉप पांच परफॉर्मिंग फंड्स में, Axis Large & Mid Cap Fund सबसे बड़ा फंड है, जिसका कॉर्पस ₹16,469.3 करोड़ है। एक बड़ा एसेट बेस फंड की लिक्विडिटी और इन्वेस्टमेंट टीम के संचालन के पैमाने के बारे में जानकारी दे सकता है, लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि बड़ा फंड बेहतर रिटर्न दे।

भविष्य में, यह देखना अहम होगा कि ये फंड बदलते बाज़ार के माहौल में अपने पोर्टफोलियो को कैसे मैनेज करते हैं, क्योंकि लार्ज-एंड-मिड-कैप फंड्स स्थापित कंपनियों की स्थिरता और मिड-साइज़्ड फर्म्स की ग्रोथ की संभावनाओं के बीच संतुलन बनाते हैं। फंड मैनेजर की क्षमता ही भविष्य के प्रदर्शन को तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.