HDFC Mutual Fund ने अपना नया passive scheme, HDFC FTSE India Equity ETF लॉन्च किया है। इस NFO में निवेश करने का मौका **7 अक्टूबर 2026** तक है, जिसमें निवेशक **276** भारतीय शेयरों की बास्केट का हिस्सा बन सकते हैं।
HDFC Mutual Fund ने एक नया पैसिव इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट पेश किया है, जो FTSE India Equity Index को ट्रैक करेगा। इस NFO के जरिए निवेशकों को चुनिंदा 276 घरेलू शेयरों के पोर्टफोलियो में निवेश करने का मौका मिल रहा है। यह फंड मुख्य रूप से बाजार के प्रदर्शन को मिरर करने के लिए डिजाइन किया गया है, न कि फंड मैनेजर के सक्रिय स्टॉक पिकिंग पर आधारित है।
निवेश की रणनीति और ढांचा
इस फंड का लक्ष्य FTSE India Equity Index को रेप्लिकेट करना है, जिसमें शेयरों का चयन फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर किया जाता है। इस इंडेक्स में साल में दो बार समीक्षा होती है और तिमाही आधार पर वेटेज को एडजस्ट किया जाता है। इस फंड को अभिषेक मोर और अरुण अग्रवाल मैनेज करेंगे। निवेशक इस NFO में कम से कम ₹500 के निवेश के साथ शामिल हो सकते हैं, और इसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है।
याद रखें, यह एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) है। एक बार NFO बंद होने और यूनिट्स लिस्ट होने के बाद, इन्हें NSE और BSE पर ट्रेड किया जा सकेगा। इसके लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है। बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर यह ETF अपने नेट एसेट वैल्यू (NAV) से प्रीमियम या डिस्काउंट पर भी ट्रेड कर सकता है।
जोखिम और महत्वपूर्ण बातें
पैसिव फंड होने के नाते, इसके रिटर्न इंडेक्स के अनुरूप रहने की उम्मीद है, लेकिन निवेशकों को 'ट्रैकिंग एरर' (Tracking Error) के बारे में पता होना चाहिए। फंड मैनेजमेंट खर्च, कैश होल्डिंग्स और रीबैलेंसिंग में लगने वाले समय के कारण रिटर्न में थोड़ा अंतर आ सकता है। यह फंड अपनी कम से कम 95% संपत्ति इंडेक्स के सिक्योरिटीज में निवेश करने का लक्ष्य रखता है, जबकि बाकी का हिस्सा लिक्विडिटी मैनेज करने के लिए डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में रखा जा सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे ट्रेडिंग शुरू होने के बाद फंड के ट्रैकिंग एरर और लिक्विडिटी लेवल पर नजर रखें।
