HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential और Tata Mutual Fund ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (FoFs) में नया निवेश रोकने का फैसला किया है। 16 अक्टूबर से इन फंड्स में लम्पसम, SIP और STP की सुविधा बंद हो रही है, ताकि त्योहारी सीजन में सोने की मांग को नियंत्रित किया जा सके।
भारत की तीन दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनियों—HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund और Tata Mutual Fund—ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (FoFs) में फ्रेश सब्सक्रिप्शन पर अस्थायी रोक लगाने का ऐलान किया है। 16 अक्टूबर 2026 से, ये फंड हाउस न तो कोई लम्पसम निवेश स्वीकार करेंगे और न ही नए SIP या STP रजिस्टर करेंगे।
मौजूदा निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि उनके पुराने SIP और STP बिना किसी रुकावट के चलते रहेंगे। साथ ही, रिडेम्पशन (Redemption) की सुविधा पूरी तरह चालू रहेगी, जिससे निवेशकों को अपने पैसे निकालने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत में शादियों और त्योहारों का सीजन शुरू हो रहा है, जिसमें सोने की फिजिकल डिमांड काफी बढ़ जाती है। सोने का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है, जिससे देश के करंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव पड़ता है और भारतीय रुपये की वैल्यू पर भी असर पड़ता है।
इंडस्ट्री जानकारों का मानना है कि यह कदम सोने के प्रति बढ़ते आकर्षण को कम करने के लिए है। सरकार पहले ही सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15% कर चुकी है, ताकि व्यापार घाटे को कम किया जा सके।
पोर्टफोलियो पर क्या होगा असर?
अगर आप इन स्पेसिफिक फंड्स के जरिए गोल्ड में नया निवेश करने की योजना बना रहे थे, तो आपको अपना फैसला बदलना पड़ सकता है। हालांकि, विकल्प अभी भी खुले हैं, जैसे कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGBs) या गोल्ड ETFs, जो अलग फ्रेमवर्क के तहत काम करते हैं।
आगे चलकर निवेशकों को इन फंड हाउस के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और SEBI के अगले निर्देशों से यह साफ होगा कि यह रोक कितनी लंबी चलेगी और क्या यह सोने के निवेश के नए नियमों की शुरुआत है।
