HDFC Defence Fund का जलवा! 1 साल में दिया **24.8%** रिटर्न, सबसे बड़ा फंड बना

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AuthorAditya Rao|Published at:
HDFC Defence Fund का जलवा! 1 साल में दिया **24.8%** रिटर्न, सबसे बड़ा फंड बना

HDFC Defence Fund ने थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले एक साल में इस फंड ने **24.8%** का रिटर्न दिया है, जो अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी बेहतर है। **₹10,500 करोड़** से ज़्यादा की असेट्स के साथ, यह इस कैटेगरी का सबसे बड़ा फंड बन गया है।

HDFC Defence Fund का शानदार प्रदर्शन

ACE MF के 28 जुलाई, 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, HDFC Defence Fund ने पिछले एक साल में 24.8% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। यह शानदार रिटर्न इस बात का संकेत है कि फंड ने घरेलू डिफेंस सेक्टर पर चल रहे फोकस का बखूबी फायदा उठाया है। इस दौरान, फंड के बेंचमार्क ने 1.7% की गिरावट दर्ज की, जिससे HDFC Defence Fund का प्रदर्शन और भी दमदार नज़र आता है।

असेट्स और परफॉरमेंस के आंकड़े

₹1,500 करोड़ से ज़्यादा की असेट्स वाले थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स में HDFC Defence Fund ₹10,529.2 करोड़ के भारी-भरकम corpus के साथ सबसे बड़ा फंड बनकर उभरा है। इतना ही नहीं, एक साल के नतीजों के अलावा, फंड ने तीन साल की अवधि में भी अपने बेंचमार्क को 29.7 परसेंटेज पॉइंट्स से पीछे छोड़ते हुए मज़बूत परफॉरमेंस दिखाई है। यह फंड की लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है।

अन्य थीमैटिक फंड्स से तुलना

जब दूसरे थीमैटिक फंड्स की बात करें, तो HDFC Defence Fund की रणनीति ने अलग-अलग नतीजे दिखाए हैं। उदाहरण के लिए, ICICI Prudential Transportation and Logistics Fund और Kotak Manufacture in India Fund ने पिछले एक साल में क्रमशः 16.7% और 14.4% का रिटर्न दिया। हालांकि, छोटे समय के लिए, जैसे कि एक महीने और तीन महीने में, ICICI Prudential Transportation and Logistics Fund ने 4.3% और 10.1% का ज़्यादा रिटर्न दिया है।

निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें

थीमैटिक फंड्स किसी खास सेक्टर पर केंद्रित होते हैं, इसलिए उनका प्रदर्शन उस सेक्टर की कंपनियों के प्रदर्शन से जुड़ा होता है। HDFC Defence Fund ने भले ही मौजूदा सेक्टर ट्रेंड का फायदा उठाया हो, लेकिन ऐसे निवेश में डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में ज़्यादा जोखिम होता है। निवेशकों को यह समझना चाहिए कि थीमैटिक रिटर्न साइक्लिकल हो सकते हैं और सरकारी नीतियों, डिफेंस बजट और कंपनियों के ऑर्डर निष्पादन में बदलावों से प्रभावित हो सकते हैं। निवेशकों के लिए अगला कदम यह देखना होगा कि क्या यह सेक्टर अपनी मौजूदा ग्रोथ बनाए रखता है और फंड अपने आकार के बढ़ने के साथ कंसंट्रेशन रिस्क को कैसे मैनेज करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.