HDFC Defence Fund ने पिछले एक साल में **16.2%** का शानदार रिटर्न दिया है, जो कि दूसरे थीमैटिक फंड्स से काफी बेहतर है। **₹9,700 करोड़** से ज्यादा के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के साथ, इस फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि थीमैटिक फंड्स में डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स की तुलना में ज्यादा कंसंट्रेशन रिस्क होता है।
क्या हुआ?
HDFC Defence Fund भारत के टॉप-परफॉर्मिंग थीमैटिक म्यूचुअल फंड्स में से एक बनकर उभरा है। 2 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस फंड ने 16.2% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। यह फंड वर्तमान में ₹9,724.3 करोड़ की बड़ी संपत्ति का प्रबंधन कर रहा है। यह परफॉरमेंस खास तौर पर थीमैटिक कैटेगरी में दमदार है, जो ब्रॉड मार्केट इंडेक्स के बजाय किसी खास सेक्टर पर फोकस करती है।
साथियों के मुकाबले परफॉरमेंस
यह फंड दूसरे लोकप्रिय थीमैटिक स्कीम्स के मुकाबले अपनी बढ़त बनाए हुए है। उदाहरण के लिए, ICICI Prudential Transportation and Logistics Fund ने इसी एक साल की अवधि में 13.5% का रिटर्न दिया, जबकि Kotak Manufacture in India Fund ने 11.8% का रिटर्न दर्ज किया। यह तुलना उन फंड्स के आधार पर है जिनका न्यूनतम एसेट बेस ₹1,500 करोड़ है, जो दर्शाता है कि HDFC Defence Fund इस खास पीयर ग्रुप में सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला फंड है।
बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन
इस फंड के हालिया प्रदर्शन की एक खास बात यह है कि इसने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को लगातार पीछे छोड़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स से 20.2 प्रतिशत अंक ज्यादा रिटर्न दिया, जबकि इंडेक्स का रिटर्न -4.0% रहा। तीन साल की अवधि में भी यह अंतर काफी महत्वपूर्ण है, फंड ने बेंचमार्क को 33.5 प्रतिशत अंकों से पीछे छोड़ा है। इससे पता चलता है कि डिफेंस सेक्टर के भीतर फंड मैनेजर की स्टॉक चुनने की क्षमता ही इन रिटर्न की मुख्य वजह है।
शॉर्ट-टर्म ट्रेंड्स
हाल के दिनों में फंड की रफ्तार काफी तेज रही है। फंड ने पिछले एक महीने में 8.0% का रिटर्न और पिछले तीन महीनों में 30.1% का शानदार रिटर्न दर्ज किया है। यह तेज उछाल भारत में डिफेंस स्टॉक्स की बढ़ती मांग को दर्शाता है, जिसे सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल और घरेलू डिफेंस कंपनियों के लगातार बढ़ते ऑर्डर बुक से बढ़ावा मिल रहा है।
जोखिम और निवेशकों के लिए जरूरी बातें
हालांकि फंड के रिटर्न काफी आकर्षक रहे हैं, लेकिन निवेशकों को थीमैटिक निवेश से जुड़े जोखिमों के बारे में पता होना चाहिए। चूंकि यह फंड डिफेंस सेक्टर में काफी केंद्रित है, इसलिए इसका प्रदर्शन सरकारी डिफेंस खरीद, निर्यात नीतियों और पोर्टफोलियो की कंपनियों की क्षमता पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है। डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स के विपरीत, यह फंड दूसरे सेक्टर्स में निवेश करके कोई सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। अगर डिफेंस सेक्टर की मांग धीमी होती है या इस क्षेत्र में वैल्यूएशन बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो फंड को ब्रॉड-बेस्ड इंडेक्स फंड की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों को सिर्फ ऐतिहासिक रिटर्न पर ध्यान देने के बजाय, सेक्टर-विशिष्ट कारकों पर भी नजर रखनी चाहिए।
