आर्बिट्रेज स्ट्रैटेजी का कमाल
Groww Arbitrage Fund "लॉन्ग कैश – शॉर्ट फ्यूचर्स" स्ट्रैटेजी पर काम करेगा। इसका मतलब है कि फंड मैनेजर एक ही समय में कैश मार्केट में कोई एसेट (जैसे शेयर) खरीदेंगे और उसी एसेट के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को बेच देंगे। इससे दोनों के बीच कीमतों के मामूली और अस्थायी अंतर का फायदा उठाया जा सकेगा। यह तरीका सामान्य बाजार की उतार-चढ़ाव से कम प्रभावित होने की कोशिश करता है, और मुख्य रूप से इन प्राइसिंग डिफरेंस पर फोकस करता है।
टैक्स बेनिफिट्स और ध्यान रखने योग्य मुख्य जोखिम
इस फंड की खासियत यह है कि यह अपनी 65% से ज़्यादा संपत्ति इक्विटी और संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स में रखेगा। इससे इसे टैक्स के लिहाज़ से इक्विटी-ओरिएंटेड फंड माना जा सकता है, जो फिक्स्ड-इनकम विकल्पों की तुलना में ज़्यादा टैक्स बेनिफिट्स दे सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आर्बिट्रेज के मौके बदल सकते हैं और कम भी हो सकते हैं, जिससे उम्मीद से कम रिटर्न मिल सकता है। फंड किसी भी तरह के प्रॉफिट की गारंटी नहीं देता। निवेशकों को मार्केट, लिक्विडिटी और ऑपरेशनल जोखिमों के बारे में जागरूक रहना चाहिए। फंड लिक्विडिटी मैनेजमेंट के लिए कुछ हिस्सा डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में भी रख सकता है।
फंड की जानकारी और मैनेजमेंट टीम
यह नया फंड Nifty 50 Arbitrage TRI को बेंचमार्क करेगा। इसमें न्यूनतम निवेश ₹500 से शुरू होता है और कोई एग्जिट लोड नहीं है। फंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी Paras Matalia, Shashi Kumar और Wilfred Gonsalves संभालेंगे।