लक्ष्य-आधारित निवेश का नया तरीका
'The Wealth Roadmaps' का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को उनके तयशुदा वित्तीय लक्ष्यों तक पहुंचाना है। इसमें तीन अलग-अलग तरह के निवेश बास्केट (investment baskets) शामिल हैं। ₹25 लाख के लक्ष्य वाला पोर्टफोलियो शुरुआती निवेशकों के लिए है, जिनकी निवेश अवधि 5-7 साल की है। ₹1 करोड़ के लक्ष्य वाले पोर्टफोलियो को 7-10 साल के नजरिए से बनाया गया है। और सबसे महत्वाकांक्षी ₹5 करोड़ के लक्ष्य वाला पोर्टफोलियो 10 साल या उससे ज्यादा समय में बड़ी पूंजी बनाने के लिए है। हर बास्केट में 4-5 म्यूचुअल फंड का एक खास कलेक्शन होगा।
स्मॉलकेस पर ऑटोमेटेड निवेश
स्मॉलकेस (smallcase) के इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हुए, निवेशक एक क्लिक में इन पोर्टफोलियो में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू कर सकते हैं। SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट ग्रीन पोर्टफोलियो कंपनी लगातार इन पोर्टफोलियो की निगरानी (monitoring), आवंटन (allocation) में बदलाव और रीबैलेंसिंग (rebalancing) का काम संभालेगी। इससे निवेशकों का काम आसान हो जाएगा, जिन्हें साल में सिर्फ एक बार अपने निवेश की समीक्षा करनी होगी।
कमीशन नहीं, सीधा फायदा
इस नई पेशकश की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लान (direct mutual fund plans) का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब है कि इसमें किसी डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन नहीं लगेगा, जिससे निवेशकों को सालाना 0.5% से 1% तक की बचत हो सकती है। डायरेक्ट प्लान्स में खर्च कम आता है, जिससे लंबे समय में निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिलता है। यह सर्विस ₹1,800 प्रति वर्ष की सब्सक्रिप्शन फीस पर उपलब्ध है, जिसमें रिसर्च और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट शामिल है, फंड के अपने खर्चे अलग होंगे।
बढ़ते बाजार में ग्रीन पोर्टफोलियो
भारत का वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और इसमें खूब कॉम्पिटिशन है। स्मॉलकेस प्लेटफॉर्म पर कई अन्य SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर भी ऐसे पोर्टफोलियो ऑफर करते हैं। Groww, Zerodha (Coin) और ET Money जैसे प्लेटफॉर्म भी डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में निवेश और ऑटोमेटेड SIP की सुविधा देते हैं। ग्रीन पोर्टफोलियो का ध्यान खास तौर पर लक्ष्य-आधारित (goal-based) निवेश पर है। कंपनी ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की एसेट्स मैनेज करती है और 65,000 से अधिक निवेशकों को सेवा दे रही है।
SIP की बढ़ती लोकप्रियता
यह लॉन्च भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में चल रहे मजबूत रुझानों के अनुरूप है। SIP इनफ्लो में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, और कुल म्यूचुअल फंड AUM लगभग ₹82 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। बड़ी संख्या में भारतीय इक्विटी में निवेश कर रहे हैं, और म्यूचुअल फंड (खासकर SIP के जरिए) इसका मुख्य जरिया बन रहे हैं। लक्ष्य-आधारित और ऑटोमेटेड निवेश की मांग बढ़ रही है, जो 10 करोड़ से ज्यादा SIP अकाउंट्स से जाहिर होता है।
