इक्विटी से डेट की ओर क्यों बढ़ रहा Franklin Templeton?
Franklin Templeton अपनी एसेट मैनेजमेंट (Asset Management) कंपनी के ज़रिए भारत में फिक्स्ड इनकम (Fixed Income) यानी डेट फंड्स में निवेश बढ़ाना चाहता है। उनका मानना है कि मौजूदा इक्विटी (Equity) बूम के बावजूद, निवेशक अपने पोर्टफोलियो में डेट को कम आंक रहे हैं, जबकि यह पोर्टफोलियो को स्थिरता देने और जोखिम कम करने का एक अहम जरिया है। कंपनी अपनी इक्विटी होल्डिंग्स को 90% से घटाकर अगले तीन से पांच साल में करीब 60% तक लाने की योजना बना रही है।
ग्रोथ की नई राह
Franklin Templeton का लक्ष्य मनी मार्केट (Money Market) और कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स (Corporate Bond Funds) जैसे डेट सेगमेंट में अपनी असेट्स को बढ़ाना है। इसके साथ ही, कंपनी अपने क्रेडिट अल्टरनेटिव्स (Credit Alternatives) बिज़नेस को भी मज़बूत कर रही है, जिसके लिए ₹5 अरब से ज़्यादा फंड जुटा चुकी है। वे छोटे शहरों और गिफ्ट सिटी (GIFT City) जैसे नए ग्राहकों तक पहुंचने की भी तैयारी में हैं।
बाज़ार का माहौल और चुनौतियाँ
यह रणनीति ऐसे समय में आई है जब भारतीय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) में मार्च 2026 में रिकॉर्ड ₹40,450 करोड़ का इनफ्लो (Inflow) देखा गया, जबकि डेट फंड्स से इसी महीने ₹2.95 लाख करोड़ का आउटफ्लो (Outflow) हुआ। इससे पता चलता है कि निवेशकों का झुकाव अभी भी इक्विटी की ओर ज़्यादा है।
Franklin Templeton के सामने एक बड़ी चुनौती 2020 का वो दौर भी है, जब लिक्विडिटी क्राइसिस (Liquidity Crisis) के कारण कंपनी को अपने छह डेट फंड्स बंद करने पड़े थे, जिससे निवेशकों का पैसा अटक गया था। अब एक बार फिर से डेट सेगमेंट में अपनी पैठ बनाना आसान नहीं होगा, क्योंकि HDFC AMC (जिसका पी/ई रेशियो लगभग 42.85 और मार्केट कैप ₹1.22 ट्रिलियन है), ICICI Prudential (जिसका पी/ई रेशियो 51.14 के करीब है), और वैश्विक दिग्गज BlackRock (JioBlackRock के ज़रिए) जैसे खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं। Jefferies Financial Group जैसी कंपनियां भी भारतीय बाज़ार में अपनी पकड़ मज़बूत कर रही हैं।
पेरेंट कंपनी का वैल्यूएशन
Franklin Resources Inc. (BEN), जो Franklin Templeton की पेरेंट कंपनी है, का वैल्यूएशन (Valuation) भी चर्चा में है। मई 2026 तक इसका 12-महीने का पी/ई रेशियो (P/E Ratio) 23.70 से 28.8 के बीच रहा है, जो कि कुछ जानकारों के अनुसार इसके 10-साल के औसत और इंडस्ट्री एवरेज से थोड़ा ज़्यादा है। इसका मार्केट कैप $12 अरब से $16 अरब के बीच है।
उम्मीदें और भविष्य
Franklin Templeton India के प्रेसिडेंट अविनाश सतवालकर (Avinash Satwalekar) का कहना है कि फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो को स्थिरता देने में अहम भूमिका निभाता है। कंपनी अपने क्रेडिट अल्टरनेटिव्स बिज़नेस को और विकसित करने पर भी ध्यान देगी।
