Franklin Templeton: मुश्किलों में भी निवेश का दांव! SIP बढ़ा, खरीदे सस्ते शेयर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Franklin Templeton: मुश्किलों में भी निवेश का दांव! SIP बढ़ा, खरीदे सस्ते शेयर
Overview

Franklin Templeton Asset Management India ने मार्च महीने में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए आने वाले फंड में बढ़त दर्ज की है, जो कि इंडस्ट्री के ज्यादातर ट्रेंड के विपरीत है।

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अनिश्चितता में भी फ्रैंकलिन टेंपलटन का निवेश का दम

जहां कई म्यूचुअल फंड हाउस भू-राजनीतिक चिंताओं के चलते निवेशकों के सेंटीमेंट में नरमी देख रहे हैं, वहीं Franklin Templeton Asset Management India ने मार्च में SIP इनफ्लो में an increase देखा है। कंपनी के प्रेसिडेंट अविनाश सतपुतेकर (Avinash Satwalekar) ने बताया कि फर्म उन शेयरों में सक्रिय रूप से निवेश कर रही है, जो बाजार की गिरावट के कारण सस्ते मिल रहे हैं। वे नकदी रखने के बजाय, ऐसे मौके तलाश रहे हैं।

Satwalekar ने इस बात पर जोर दिया कि Franklin Templeton अतिरिक्त नकदी रखने के बजाय कैपिटल को डिप्लॉय (deploy) करना पसंद करता है। उनका मानना है कि संकट के समय धैर्य रखने वाले निवेशकों को अक्सर तेज रिकवरी देखने को मिलती है। यह रणनीति उन निवेशकों के बिल्कुल विपरीत है जो अनिश्चित समय में अपनी SIP पर दोबारा विचार कर सकते हैं।

लार्ज-कैप पर फोकस, नई रणनीति के साथ उतरी कंपनी

फंड हाउस खासतौर पर लार्ज-कैप शेयरों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिन्हें मौजूदा संघर्षों के प्रभाव को बेहतर ढंग से झेलने के लिए अच्छी स्थिति में माना जा रहा है। हालिया बाजार में आई गिरावट के बाद ये स्टॉक आकर्षक वैल्यूएशन (valuation) पर मिल रहे हैं। Satwalekar को विश्वास है कि अगले तीन सालों में होने वाली अर्निंग्स ग्रोथ (earnings growth) इन शेयरों के वैल्यू को बढ़ाएगी, जैसे ही संघर्ष कम होंगे।

यह रणनीति तब और भी अहम हो जाती है, जब मार्च 2026 में India VIX, जो मार्केट की अनिश्चितता को मापता है, में 26 के पार जाकर काफी तेजी देखी गई। हालांकि फोकस लार्ज-कैप पर है, लेकिन छोटे और मिड-कैप शेयरों में उतनी बड़ी गिरावट नहीं आई है, जिससे वहां तत्काल मौके कम दिख रहे हैं।

'Sapphie Equity Long-Short SIF' फंड लॉन्च, क्या है रणनीति?

बाजार की उठापटक का फायदा उठाने के लिए Franklin Templeton ने अपना पहला स्पेशलाइज्ड फंड, 'Sapphie Equity Long-Short SIF' लॉन्च किया है। यह फंड अस्थिर बाजारों से रिटर्न जेनरेट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें शॉर्ट पोजीशन लेना भी शामिल है। इस फंड को लॉन्च करने का समय रणनीतिक लगता है, जिसका मकसद मौजूदा अनिश्चित माहौल में बेहतर रिटर्न हासिल करना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई है; पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से Nifty 50 अपने चरम से लगभग 13% नीचे आ गया है, और स्मॉल-कैप इंडेक्स लगभग 22% गिरे हैं।

बाजार की चुनौतियां और एनालिस्ट की राय

हालांकि, व्यापक बाजार कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) मार्च 2026 में अकेले ₹1.14 लाख करोड़ से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। यह आउटफ्लो भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर रुपये से जुड़ा है। India VIX मार्च के अंत में 27 के स्तर पर पहुंच गया था, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जिनमें ब्रेंट क्रूड कभी-कभी $115 प्रति बैरल को पार कर गया, भारत की आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था और महंगाई पर भी दबाव डाल रही हैं। हॉरमुज जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख शिपिंग मार्गों में लंबे समय तक व्यवधान वित्तीय संतुलन और आर्थिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

विश्लेषक यह भी चेतावनी देते हैं कि हालिया गिरावट के बाद भी छोटे और मिड-कैप शेयरों का वैल्यूएशन ऐतिहासिक औसत की तुलना में अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जो आगे और गिरावट का संकेत दे सकता है। 'Sapphie' फंड के लिए लीवरेज (leverage) और मार्केट टाइमिंग जैसे लॉन्ग-शॉर्ट फंड के अंतर्निहित जोखिमों पर भी विचार करना होगा।

Franklin Templeton का यह अलग दृष्टिकोण और नया फंड लॉन्च बाजार के चक्रों और संघर्ष के बाद रिकवरी की क्षमता में विश्वास को दर्शाता है। फंड हाउस का मानना है कि अर्निंग्स ग्रोथ लार्ज-कैप के वैल्यू को और बढ़ाएगी। बाजार की भविष्य की दिशा भू-राजनीतिक तनावों में कमी, तेल की कीमतों में स्थिरता और विदेशी निवेशकों के प्रवाह पर निर्भर करेगी। विश्लेषकों को निकट अवधि में अस्थिरता जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन वे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए धीरे-धीरे निवेश करने के अवसर देख रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.