जहां इक्विटी Funds में कुल निवेश जनवरी 2026 में 14% घट गया, वहीं Flexi-cap Funds ने बाजी मार ली। इन Funds ने अकेले जनवरी में ₹7,672 करोड़ का भारी Inflow खींचा। यह दिखाता है कि निवेशक कैसे भी बाजार के उतार-चढ़ाव में अपना पैसा लगाने के लिए इन Funds को तरजीह दे रहे हैं। पिछले 4 सालों में Flexi-cap Funds का AUM (Assets Under Management) 148.28% बढ़कर ₹5.52 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, और निवेशकों के Folios की संख्या दोगुनी होकर 2.21 करोड़ हो गई है।
टॉप परफॉर्मर्स: अलग-अलग दांव, अलग-अलग जोखिम
इस कैटेगरी के तीन प्रमुख Funds - HDFC Flexi Cap Fund, Quant Flexi Cap Fund और Bank of India Flexi Cap Fund - पिछले 5 सालों से लगातार 20% CAGR से ज्यादा का रिटर्न दे रहे हैं। लेकिन, इन Funds की सफलता के पीछे की रणनीति और उनमें छिपा Risk काफी अलग है।
HDFC Flexi Cap Fund: स्थिरता और बड़ा पोर्टफोलियो
यह फंड अपने सेगमेंट में सबसे बड़े Funds में से एक है, जिसका AUM ₹96,295 करोड़ (31 दिसंबर 2025 तक) है। इसका डायरेक्ट प्लान का Expense Ratio 0.65% है। 0.78 के Beta के साथ, यह Nifty 500 TRI बेंचमार्क की तुलना में कम Volatility दिखाता है। Fund का Alpha 7.08 है, जो बताता है कि इसने जोखिम के मुकाबले अच्छी कमाई की है। Fund पोर्टफोलियो में Financial सेक्टर पर काफी फोकस है, जिसमें ICICI Bank और HDFC Bank जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
Quant Flexi Cap Fund: आक्रामक दांव और सेक्टर रोटेशन
करीब ₹6,221 करोड़ AUM वाला Quant Flexi Cap Fund अपने आक्रामक और कभी-कभी टैक्टिकल निवेश के लिए जाना जाता है। डायरेक्ट प्लान का Expense Ratio 0.71% है। यह Fund कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, एनर्जी और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में कंसन्ट्रेटेड दांव लगाता है। हालांकि, 1.20 के Beta के कारण इसमें Volatility ज्यादा है। कुछ आकलन के अनुसार, इसका Alpha -1.16 है, जो बताता है कि यह उठाए गए जोखिम के हिसाब से उतना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जैसा कि मूल खबर में बताया गया था। फंड मैनेजर मैक्रो ट्रेंड के आधार पर सेक्टर रोटेशन करते हैं, जिससे भारी मुनाफा तो हो सकता है, लेकिन जोखिम भी बढ़ जाता है।
Bank of India Flexi Cap Fund: तेज रफ्तार और वैल्यू प्ले
2020 में लॉन्च होने के बावजूद, यह Fund तेजी से लोकप्रिय हुआ है और इसका AUM करीब ₹2,167 करोड़ है। इसका डायरेक्ट प्लान Expense Ratio काफी कम 0.53% है। 1.14 के Beta के साथ, यह बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। Fund ने 3.88% का Alpha जेनरेट किया है, जो एक मजबूत आउटपरफॉर्मेंस का संकेत देता है। पोर्टफोलियो फाइनेंशियल, इंडस्ट्रियल्स, मैटेरियल्स और टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स में फैला हुआ है, जिसमें SBI और Hindustan Aeronautics प्रमुख होल्डिंग्स हैं।
रणनीति में बड़ा अंतर: अपने जोखिम पर निर्भर करेगा चुनाव
तीनों Funds ने बेहतरीन रिटर्न दिया है, लेकिन उनकी फिलॉसफी अलग है। HDFC Flexi Cap Fund ज्यादा कंजरवेटिव है और कैपिटल प्रिजर्वेशन पर जोर देता है। Quant Flexi Cap Fund आक्रामक दांव और सेक्टर शिफ्ट के जरिए ज्यादा अल्फा की तलाश करता है, जो ज्यादा Risk लेने वाले निवेशकों के लिए है। Bank of India Flexi Cap Fund मजबूत रिटर्न और कम Expense Ratio का मिश्रण पेश करता है।
जोखिमों को समझना जरूरी
Flexi-cap Funds अपनी फ्लेक्सिबिलिटी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी हैं। Quant Flexi Cap Fund का हाई Beta (अक्सर 1.15 से ऊपर) और कभी-कभी अनिश्चित Alpha, यह सवाल खड़ा करता है कि क्या आक्रामक दांव लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे पाएंगे। Fund का कंसन्ट्रेटेड पोर्टफोलियो किसी एक स्टॉक या सेक्टर के खराब प्रदर्शन का असर बढ़ा सकता है। Bank of India Flexi Cap Fund के डायरेक्ट प्लान का Expense Ratio तो कम है, लेकिन रेगुलर प्लान का Expense Ratio (1.98%-1.99% के आसपास) साथियों की तुलना में काफी ज्यादा है, जो निवेशकों के रिटर्न को कम कर सकता है। साथ ही, इसके छोटे ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, लंबे बाजार गिरावट के दौरान इसके प्रदर्शन का अभी पूरी तरह से परीक्षण नहीं हुआ है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ये Funds इक्विटी-ओरिएंटेड हैं और इनमें बाजार का महत्वपूर्ण जोखिम होता है। Nifty 500 TRI, जो इस कैटेगरी का एक आम बेंचमार्क है, वर्तमान में 23.2 के P/E पर ट्रेड कर रहा है।
भविष्य का आउटलुक
Flexi-cap Funds में निवेशकों का मजबूत Inflow बताता है कि ये लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए इक्विटी में एक मुख्य आवंटन बने रहेंगे। इनकी क्षमताएं फंड मैनेजरों को बदलते बाजार के माहौल के अनुकूल बनाने में मदद करती हैं। हालांकि, निवेशकों को सिर्फ हेडलाइन रिटर्न से आगे बढ़कर, फंड की रणनीति, जोखिम मापदंडों और अपनी व्यक्तिगत जोखिम क्षमता के अनुसार चुनाव करना चाहिए।