Mutual Fund News: इक्विटी में बंपर निवेश, लेकिन Debt Fund से **₹1.83 लाख करोड़** की निकासी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Mutual Fund News: इक्विटी में बंपर निवेश, लेकिन Debt Fund से **₹1.83 लाख करोड़** की निकासी

सितंबर महीने में भारतीय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है, जहां इनफ्लो **31%** बढ़कर **₹38,306 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, डेट फंड्स में तिमाही के अंत में भारी बिकवाली देखी गई।

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए सितंबर का महीना बेहद विरोधाभासी रहा। एक तरफ जहां रिटेल निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार पर बरकरार रहा, वहीं दूसरी तरफ डेट फंड्स से रिकॉर्ड निकासी देखी गई।

इक्विटी पर बरकरार भरोसा

Association of Mutual Funds in India (AMFI) के डेटा के अनुसार, सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ₹38,306 करोड़ का इनफ्लो आया है। यह अगस्त के ₹29,328 करोड़ के मुकाबले 31% अधिक है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह SIP के जरिए आ रहा लगातार निवेश है, जो निवेशकों की मार्केट के प्रति मजबूत धारणा को दर्शाता है।

डेट फंड्स में क्यों हुई निकासी?

डेट स्कीम्स में ₹1,83,155 करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया है। फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का मानना है कि यह कोई घबराहट में की गई बिकवाली नहीं है, बल्कि एक सीजनल पैटर्न है। तिमाही के अंत में बड़े कॉरपोरेट्स और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स अपने टैक्स और ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए शॉर्ट-टर्म डेट पोजीशंस से पैसा निकालते हैं।

आगे क्या रखें ध्यान?

भविष्य में निवेश के प्रवाह को दिशा देने में Reserve Bank of India की मॉनेटरी पॉलिसी और ब्याज दरों का रुख बेहद अहम होगा। इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का रुझान और ग्लोबल मार्केट में बढ़ती महंगाई भी म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की इस अस्थिरता को समझते हुए अपनी लॉन्ग टर्म रणनीति बनाए रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.