Edelweiss MF लाया खास 'SIFs'!, ₹10 लाख से ₹50 लाख वाले निवेशकों के लिए नया मौका

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Edelweiss MF लाया खास 'SIFs'!, ₹10 लाख से ₹50 लाख वाले निवेशकों के लिए नया मौका

Edelweiss Mutual Fund ने 'स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स' (SIFs) नाम से एक नई तरह की इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट कैटेगरी लॉन्च की है। ये फंड उन निवेशकों को टारगेट कर रहे हैं जिनका पोर्टफोलियो **₹10 लाख से ₹50 लाख** के बीच है। इन फंड्स का मकसद ट्रेडिशनल म्यूचुअल फंड्स और प्रीमियम पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के बीच के अंतर को पाटना है।

Detailed Coverage

क्यों खास हैं ये नए फंड?

Edelweiss MF द्वारा लॉन्च किए गए ये स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) उन निवेशकों के लिए तैयार किए गए हैं जिन्हें रेगुलर म्यूचुअल फंड्स की सीमाएं महसूस होती हैं, लेकिन पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) या अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) के लिए ज़रूरी हाई कैपिटल अमाउंट नहीं है। SIFs ₹10 लाख से ₹50 लाख तक के पोर्टफोलियो वाले निवेशकों के लिए एक नया रास्ता खोल रहे हैं।

फ्लेक्सिबल स्ट्रैटेजी और डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल

आम म्यूचुअल फंड्स के विपरीत, SIFs फंड मैनेजर्स को ज़्यादा ऑपरेशनल फ्रीडम देते हैं। इन फंड्स में मैनेजर्स शॉर्ट सेलिंग (short selling) और डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स जैसे कवर्ड कॉल्स (covered calls), स्ट्रैडल्स (straddles) और स्ट्रैंगल्स (strangles) का इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि इन टूल्स का मुख्य उद्देश्य हेजिंग (hedging) के ज़रिए पोर्टफोलियो की वोलैटिलिटी (volatility) को कम करना है, न कि सट्टा जोखिम बढ़ाना। फंड मैनेजर्स कुल असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का 20-25% तक शॉर्ट पोजीशन ले सकते हैं।

रिस्क मैनेजमेंट और रेगुलेटरी अनुपालन

Edelweiss MF ने जोर देकर कहा है कि ये फंड्स रिस्क-एडजस्टेड परफॉरमेंस को प्राथमिकता देते हैं। हेजिंग के ज़रिए ड्रॉडाउन (drawdowns) को मैनेज करके, इनका लक्ष्य इक्विटी-ओरिएंटेड फंड्स की तुलना में ज़्यादा स्टेबल इन्वेस्टमेंट अनुभव देना है। सबसे अहम बात यह है कि ये फंड्स SEBI के उन दिशानिर्देशों के तहत काम करते हैं जो लीवरेज (leverage) के इस्तेमाल पर रोक लगाते हैं। यह रेगुलेटरी रोक कॉम्प्लेक्स डेरिवेटिव-स्ट्रेटेजी से जुड़े संभावित डाउनसाइड रिस्क को सीमित करने में एक अहम फैक्टर है।

प्रोडक्ट ऑफरिंग्स और लिक्विडिटी

SIFs की रेंज में कई स्ट्रैटेजी शामिल हैं, जो बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स और फ्लेक्सी-कैप फंड्स जैसे प्रोडक्ट्स से मुकाबला करती हैं। उदाहरण के लिए, 'Altiva Hybrid Long Short Fund' का लक्ष्य आर्बिट्रेज (arbitrage) के आधार पर रिटर्न जेनरेट करना है, साथ ही 2-3% अतिरिक्त रिटर्न देना। वहीं, 'X Top 100 Long Short Fund' टॉप 100 मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लिस्ट से बाहर के स्टॉक्स पर फोकस करता है।

निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि लिक्विडिटी (liquidity) की शर्तें फंड के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। इक्विटी-ओरिएंटेड SIFs में डेली सब्सक्रिप्शन और रिडेम्पशन (redemption) की सुविधा है, जिसमें डेली नेट एसेट वैल्यू (NAV) रिपोर्टिंग होती है, जो स्टैण्डर्ड म्यूचुअल फंड्स जैसी ही है। हाइब्रिड और फिक्स्ड-इनकम वर्जन्स में रिडेम्पशन साइकिल हफ्ते में दो बार से लेकर मासिक अंतराल तक हो सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कैपिटल लगाने से पहले, हर स्कीम की जानकारी वाले डॉक्यूमेंट (Scheme Information Document) में लिक्विडिटी की शर्तों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि ये स्टैण्डर्ड ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड्स से काफी अलग हो सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.