Edelweiss Mutual Fund ने 10 जुलाई, 2026 से अपनी अंतर्राष्ट्रीय योजनाओं (International Schemes) में नए एसआईपी (SIP) और एसटीपी (STP) रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। इस फैसले से भारतीय निवेशकों के लिए विदेशी बाजारों में निवेश के विकल्प कम हो गए हैं, क्योंकि कई ग्लोबल फंडों के एक साल के रिटर्न में भारी गिरावट आई है।
भारतीय निवेशकों के लिए जो विदेशी म्यूचुअल फंडों (International Mutual Funds) के जरिए अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई (Diversify) करना चाहते हैं, उनके लिए अब विकल्प सिमटते जा रहे हैं। 10 जुलाई, 2026 से प्रभावी, Edelweiss Mutual Fund ने अपनी सभी विदेशी योजनाओं (Overseas Schemes) में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के तहत नए रजिस्ट्रेशन स्वीकार करना बंद कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई अंतर्राष्ट्रीय फंडों के पिछले एक साल के रिटर्न में काफी कमी आई है।
ग्लोबल फंडों के रिटर्न में आई नरमी
यह बदलाव व्यापक है। 7 जुलाई, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, विश्लेषण किए गए 51 अंतर्राष्ट्रीय म्यूचुअल फंडों में से 46 ने शुरुआती जून की तुलना में अपने एक साल के रिटर्न में गिरावट दर्ज की है। प्रदर्शन में यह गिरावट विभिन्न थीम्स को प्रभावित कर रही है, जिनमें यूएस इक्विटी मार्केट, इमर्जिंग मार्केट्स, माइनिंग, क्लीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर केंद्रित फंड शामिल हैं।
उदाहरण के लिए, Nippon India Taiwan Equity Fund का एक साल का रिटर्न 2 जून को 226.30% था, जो 7 जुलाई तक घटकर 154.63% रह गया। इसी तरह, Mirae Asset Global Electric & Autonomous Vehicles Equity Passive FoF ने इसी अवधि में अपने एक साल के रिटर्न में 45.36% अंकों की गिरावट देखी। ऐसे बदलाव अक्सर उन अंतर्राष्ट्रीय सूचकांकों (International Indices) में बाजार के वैल्यूएशन (Valuation) के पुनर्मूल्यांकन को दर्शाते हैं जिन्हें ये फंड ट्रैक करते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय विविधीकरण पर असर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लगाई गई इंडस्ट्री-वाइड निवेश सीमा (Investment Limits) के भीतर रहने के लिए, कई भारतीय म्यूचुअल फंड हाउस पहले ही अंतर्राष्ट्रीय योजनाओं में नए निवेश को सीमित या रोक चुके हैं। जब ये सीमाएँ पूरी हो जाती हैं, तो फंड हाउस निर्धारित ओवरसीज इन्वेस्टमेंट कैप (Overseas Investment Cap) को पार करने से बचने के लिए नए सब्सक्रिप्शन को निलंबित कर देते हैं।
वर्तमान अस्थिरता और नए एसआईपी रजिस्ट्रेशन के निलंबन के बावजूद, कुछ फंडों ने पिछले एक साल की अवधि में मजबूत ऐतिहासिक प्रदर्शन बनाए रखा है। उदाहरण के लिए, Edelweiss Emerging Markets Opportunities Equity Offshore Fund ने 64.56% का एक साल का रिटर्न दर्ज किया, जबकि Edelweiss Greater China Equity Offshore Fund और Franklin Asian Equity Fund ने क्रमशः 51.44% और 46.99% का रिटर्न दर्ज किया।
जिन निवेशकों ने इन Edelweiss विदेशी योजनाओं में मौजूदा एसआईपी (Existing SIPs) में निवेश किया है, वे नए रजिस्ट्रेशन के निलंबन से प्रभावित नहीं हो सकते हैं, लेकिन उन्हें आधिकारिक कंपनी पोर्टलों के माध्यम से अपनी विशिष्ट फंड स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। निवेशकों के लिए आगे की मुख्य निगरानी योग्य बात RBI के निवेश सीमाओं पर नियामक अपडेट (Regulatory Update) है, जो यह तय करेगा कि फंड हाउस भविष्य में इन अंतर्राष्ट्रीय निवेश खिड़कियों को फिर से खोल सकते हैं या नहीं।
