Category III AIFs: बाजार की सुनामी में भी रहे मालामाल, Nifty की गिरावट के बावजूद दिखाया दम

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AuthorAditya Rao|Published at:
Category III AIFs: बाजार की सुनामी में भी रहे मालामाल, Nifty की गिरावट के बावजूद दिखाया दम

सितंबर 2026 में जब Nifty 50 में **6.1%** की भारी गिरावट आई, तब भी कई कैटेगरी III लॉन्ग-शॉर्ट AIFs ने बेहतरीन रिटर्न दिए। इन्होंने हेजिंग (Hedging) की बदौलत कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल रेट हाइक की चिंताओं के बीच अपने निवेशकों की पूंजी सुरक्षित रखी।

सितंबर 2026 का महीना भारतीय इक्विटी निवेशकों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। ग्लोबल दबावों के चलते Nifty 50 में 6.1% की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये, कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जाने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने मार्केट का माहौल बिगाड़ दिया। ऐसे कठिन दौर में 'Category III लॉन्ग-शॉर्ट AIFs' ने अपनी रक्षात्मक रणनीतियों (Defensive Strategies) के दम पर निवेशकों का पोर्टफोलियो न सिर्फ बचाया, बल्कि उसे बढ़त भी दी।

लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी ने कैसे बचाया पैसा?

पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स के उलट, लॉन्ग-शॉर्ट AIFs एक दोहरी रणनीति पर काम करते हैं। ये उन स्टॉक्स को खरीदते हैं जिनके बढ़ने की उम्मीद होती है (Long) और साथ ही उन स्टॉक्स पर दांव लगाते हैं जिनके गिरने की आशंका होती है (Short) या फिर डेरिवेटिव्स के जरिए हेजिंग करते हैं। यही लचीलापन इन फंड्स को मार्केट करेक्शन की मार से बचा ले गया।

Swyom Advisors का India Alpha Fund इस महीने 6.8% रिटर्न के साथ टॉप पर रहा। कंपनी अब विस्तार की योजना बना रही है और इसका AUM ₹315 करोड़ के करीब पहुंच गया है। इसके अलावा, SBI Optimal Equity और PESB Alpha Fund (AUM ₹50 करोड़) ने भी इस स्ट्रेस टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया है।

पूंजी बचाने पर जोर

सिर्फ रिटर्न ही नहीं, बल्कि कई फंड्स ने गिरावट से सुरक्षा पर ध्यान दिया। Geojit Yield Plus Fund, AlphaGrep AlphaMine Absolute Return Fund और Pluswealth Assets के फंड्स ने भी पॉजिटिव ट्रैजेक्टरी बनाए रखी। ये फंड्स अक्सर 'फिक्स्ड-इनकम-प्लस' स्ट्रक्चर का इस्तेमाल करते हैं, जो मार्केट की अस्थिरता के दौरान एक कुशन का काम करता है। IIFL Capital, Inquant Systematic और Neo Alternative के बेहतर प्रदर्शन से साफ है कि अब निवेशक सिर्फ मार्केट तेजी पर निर्भर नहीं रहना चाहते।

निवेशकों के लिए चेतावनी

AIFs सामान्य म्यूचुअल फंड्स से बिल्कुल अलग हैं। इनमें निवेश की न्यूनतम सीमा ₹1 करोड़ है और इनकी लिक्विडिटी की शर्तें भी अलग होती हैं। यह मुख्य रूप से उन निवेशकों के लिए हैं जो बाजार की पेचीदगियों को समझते हैं। हेजिंग की यह सफलता वाकई काबिले-तारीफ है, लेकिन निवेश से पहले अपनी रिस्क क्षमता को जरूर परखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.