प्रदर्शन में पिछड़न और 21 साल का सफर
Canara Robeco Large and Mid Cap Fund का हालिया प्रदर्शन (performance) अपने बेंचमार्क इंडेक्स NIFTY LargeMidcap 250 TRI से लगातार पिछड़ रहा है। पिछले एक, तीन और पांच सालों में फंड के एनुअलाइज्ड रिटर्न (annualized returns) क्रमशः 12.64%, 16.23% और 13.73% रहे हैं, जबकि इसी अवधि में NIFTY LargeMidcap 250 TRI ने 20.18%, 20.59% और 17.07% का शानदार रिटर्न दिया है। यह अंतर फंड के अल्फा (alpha) जेनरेशन में कमी का स्पष्ट संकेत है।
हालांकि, यह सब तब हो रहा है जब फंड ने हाल ही में 21 साल का अपना गौरवशाली सफर पूरा किया है, जो निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएशन (wealth creation) का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड दर्शाता है। मार्च 2005 में शुरू की गई ₹10,000 की मंथली SIP, 27 फरवरी 2026 तक लगभग ₹1.97 करोड़ में तब्दील हो जाती, जो 16.89% का XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) प्रदान करता।
मुख्य चिंताएं: फीस, कंसिस्टेंसी और प्रतिस्पर्धी
इस अंडरपरफॉर्मेंस (underperformance) के पीछे कई कारण नजर आते हैं। पहला, फंड का एक्सपेंस रेशियो (expense ratio) 1.63% है, जो लार्ज और मिड-कैप कैटेगरी के औसत 0.6% से 0.8% से काफी अधिक है। इसकी तुलना में, Motilal Oswal Large & Midcap Fund का एक्सपेंस रेशियो 0.75% और Invesco India Large & Mid Cap Fund का 0.61% है। यह उच्च फीस निवेशकों के नेट रिटर्न को कम करती है।
दूसरा, फंड का शार्प रेशियो (Sharpe Ratio) 0.71 है, जो कैटेगरी के औसत 0.93 से कम है, यह दर्शाता है कि रिस्क के मुकाबले मिलने वाला रिटर्न कम कुशल है। फंड का बीटा (beta) 0.93 है, जो बेंचमार्क से थोड़ी कम अस्थिरता (volatility) का संकेत देता है, लेकिन रिटर्न की कंसिस्टेंसी (return consistency) साथियों के मुकाबले कम पाई गई है। इन सब के चलते, Motilal Oswal Large & Midcap Fund और Invesco India Large & Mid Cap Fund जैसे प्रतिस्पर्धी फंड हाल के वर्षों में बेहतर CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) दर्ज कर रहे हैं।
भविष्य की राह और रेगुलेटरी बदलाव
फिलहाल, फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹24,731 करोड़ है (28 फरवरी 2026 तक)। यह लार्ज और मिड-कैप सेगमेंट, जिसका AUM तीन सालों में 162% बढ़कर ₹3.31 लाख करोड़ हो गया है, में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। इस फाइनेंशियल ईयर में कैटेगरी में ₹68,718 करोड़ का इनफ्लो भी आया है। Shridatta Bhandwaldar और Amit Nadekar जैसे फंड मैनेजर्स फंडामेंटली मजबूत ग्रोथ कंपनियों पर फोकस करते हैं। यह रणनीति ऐतिहासिक रूप से सफल रही है, लेकिन मौजूदा बाजार की गतिशीलता (market dynamics) और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा में इसे अपनी रणनीति को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
इसके अलावा, SEBI द्वारा 2026 में लाई गई पारदर्शिता बढ़ाने और लागत कम करने की नई रेगुलेशंस (regulations), जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी, फंड हाउसेस के लिए नई चुनौतियां और अवसर लेकर आएंगी। लार्ज और मिड-कैप सेगमेंट निवेशकों के लिए संतुलन चाहने वालों के लिए आकर्षक बना हुआ है, लेकिन Canara Robeco Fund को अपने बेंचमार्क को मात देने और साथियों से मुकाबला करने के लिए अपनी परफॉर्मेंस को सुधारना होगा।
