Bank of India Small Cap Fund ने पिछले 3 महीनों में अपने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। फंड ने **31%** का शानदार रिटर्न दिया है, जो कि ITI Small Cap Fund (28.4%) और HSBC Small Cap Fund (25.6%) जैसे दूसरे फंड्स से कहीं ज़्यादा है।
3 महीने की दौड़ में सबसे आगे!
ACE MF के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को खत्म हुए तीन महीनों में Bank of India Small Cap Fund ने 31.0% का रिटर्न कमाया है। यह उन फंड्स में सबसे अव्वल है जिनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा है। इसThe शानदार परफॉरमेंस ने फंड को अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी आगे खड़ा कर दिया है।
लंबी अवधि की परफॉरमेंस पर एक नज़र
जहां 3 महीने के नतीजों ने फंड की छोटी अवधि की ताकत दिखाई है, वहीं लंबी अवधि के आंकड़े कुछ अलग तस्वीर पेश करते हैं। उदाहरण के लिए, 3 साल की अवधि में ITI Small Cap Fund 25.2% रिटर्न के साथ लीडर बनकर उभरा है। यह दिखाता है कि फंड की रैंकिंग समय के साथ बदलती रहती है, और सिर्फ एक तिमाही के प्रदर्शन पर भरोसा करना सही नहीं है।
बेंचमार्क के मुकाबले प्रदर्शन
Bank of India Small Cap Fund ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को भी पीछे छोड़ा है। पिछले एक साल में, जब बेंचमार्क -4.0% का निगेटिव रिटर्न दे रहा था, तब इस फंड ने 20.6% ज़्यादा रिटर्न दिया। वहीं, 3 साल की अवधि में भी फंड ने बेंचमार्क को 12.8% पॉइंट्स से पीछे छोड़ा, जबकि बेंचमार्क का रिटर्न 9.2% रहा।
एसेट साइज़ का भी है महत्व
स्मॉल-कैप सेगमेंट में, फंड्स के एसेट साइज़ में भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है। Quant Small Cap Fund का कॉर्पस लगभग ₹31,773.7 करोड़ है। बड़े फंड्स को लिक्विडिटी और कैपिटल डिप्लॉयमेंट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जो छोटे फंड्स के लिए कम होती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है ज़रूरी?
स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों को सिर्फ ऊपरी रिटर्न पर ध्यान नहीं देना चाहिए। फंड मैनेजर की स्ट्रैटेजी, एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) और बाज़ार में गिरावट के समय पोर्टफोलियो का व्यवहार जैसे फैक्टरों पर नज़र रखना महत्वपूर्ण है। स्मॉल-कैप स्टॉक्स ज़्यादा वोलेटाइल (Volatile) होते हैं, इसलिए फंड की लंबी अवधि की परफॉरमेंस और विभिन्न मार्केट साइकल्स में उसके प्रदर्शन का विश्लेषण करना ज़्यादा बेहतर तस्वीर पेश करता है।
