Bandhan Small Cap Fund: 3 साल में ₹31,103 करोड़ AUM के साथ टॉप पर, 25.4% का शानदार रिटर्न

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bandhan Small Cap Fund: 3 साल में ₹31,103 करोड़ AUM के साथ टॉप पर, 25.4% का शानदार रिटर्न

Bandhan Small Cap Fund अपनी कैटेगरी में टॉप परफॉर्मर बनकर उभरा है, जिसने पिछले तीन सालों में **25.4%** का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया है। **₹31,103 करोड़** से ज़्यादा की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के साथ, इस फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को काफी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि यह लंबी अवधि के प्रदर्शन में सबसे आगे है, निवेशकों को स्मॉल-कैप स्टॉक्स की अंतर्निहित अस्थिरता (volatility) पर विचार करना चाहिए और छोटी अवधि में कंसिस्टेंसी की जांच करनी चाहिए।

तीन साल में 25.4% CAGR के साथ टॉप पर

Bandhan Small Cap Fund ने पिछले तीन सालों में 25.4% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल किया है। यह परफॉर्मेंस इसे अगस्त 2026 के मध्य तक स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड कैटेगरी में सबसे ऊपर रखती है। यह परफॉर्मेंस कैलकुलेशन केवल ₹1,500 करोड़ से ज़्यादा एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) वाली स्कीम्स के लिए की गई है। ₹31,103 करोड़ के फंड साइज के साथ, जो 31 जुलाई 2026 तक का है, यह फंड निवेशकों की भारी रुचि और कैपिटल एलोकेशन को दर्शाता है।

साथियों और बेंचमार्क के मुकाबले प्रदर्शन

अपने बेंचमार्क इंडेक्स, BSE 250 SmallCap TRI, को मात देने की फंड की क्षमता इसके मौजूदा स्टैंडिंग का एक अहम कारक रही है। तीन साल की अवधि में इसने बेंचमार्क को 16.3% पॉइंट्स से पीछे छोड़ दिया, जबकि बेंचमार्क ने लगभग 9.1% का रिटर्न दिया। इस कैटेगरी के अन्य प्रमुख परफॉर्मर्स में ITI Small Cap Fund 24.7% CAGR के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि Invesco India Smallcap Fund ने इसी अवधि में 22.9% CAGR दर्ज किया। ये आंकड़े बताते हैं कि जहां कई फंड्स ने मजबूत रिटर्न दिया है, वहीं Bandhan Small Cap Fund ने तीन साल की अवधि में अपनी बढ़त बनाए रखी है।

बाजार की गतिशीलता और छोटी अवधि का प्रदर्शन

जहां फंड ने लंबी अवधि में कंसिस्टेंसी दिखाई है, वहीं स्मॉल-कैप सेगमेंट छोटी अवधियों में तेज़ी से बदलता रहता है। हालिया डेटा के अनुसार, Bank of India Small Cap Fund जैसी अन्य स्कीम्स ने एक महीने और तीन महीने की अवधि में टॉप पोजीशन हासिल की है। इक्विटी मार्केट में यह भिन्नता आम है, जहां अलग-अलग फंड स्ट्रेटेजीज़ खास मार्केट फेज़ में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। निवेशकों के लिए, यह लंबी अवधि के ट्रैक रिकॉर्ड और हालिया टैक्टिकल परफॉर्मेंस के बीच अंतर पैदा करता है।

निवेशकों के लिए विचार और जोखिम

स्मॉल-कैप फंड्स में लार्ज या मिड-कैप फंड्स की तुलना में ज़्यादा रिस्क होता है, क्योंकि वे छोटी कंपनियों में निवेश करते हैं जो इकोनॉमिक साइकल्स और मार्केट वोलेटिलिटी के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। यह फंड एक साल के भीतर रिडीम की गई यूनिट्स पर 1% का एग्जिट लोड भी लगाता है, जो शॉर्ट टर्म में लिक्विडिटी की ज़रूरत वाले निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। चूंकि फंड छोटी कंपनियों में निवेश करता है, इसलिए पोर्टफोलियो में तब तेज़ उतार-चढ़ाव आ सकता है जब मार्केट सेंटिमेंट नेगेटिव हो जाता है।

इस फंड में निवेश करने वाले निवेशक यह देख सकते हैं कि क्या यह बदलते बाज़ार हालातों के बीच बेंचमार्क के मुकाबले अपने प्रदर्शन को बनाए रख सकता है। फंड के पोर्टफोलियो की कंसिस्टेंसी, एक्सपेंस रेशियो, और मैनेजमेंट टीम बाज़ार में गिरावट का सामना कैसे करती है, इन सब पर नज़र रखना महत्वपूर्ण है। केवल एक टाइमफ्रेम पर निर्भर रहने के बजाय, छोटी और लंबी, दोनों अवधियों के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा फंड की स्ट्रेटेजी और स्थिरता की स्पष्ट तस्वीर प्रदान करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.