Bandhan Small Cap Fund में सितंबर महीने के दौरान **₹2,191 करोड़** का जबरदस्त निवेश आया है, जिससे फंड का कुल एसेट साइज **₹35,856 करोड़** तक पहुंच गया है। रिस्की मार्केट को देखते हुए फंड मैनेजर ने **12** नए शेयरों को शामिल किया है और **8** से बाहर निकले हैं, साथ ही करीब **13%** एसेट्स को कैश के रूप में सुरक्षित रखा है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
फंड मैनेजर मनीष गुनवानी ने सितंबर में एक बड़ा पोर्टफोलियो रीशफल किया है। Nifty Smallcap 250 इंडेक्स में 3.12% की गिरावट के बावजूद निवेशकों ने इस फंड पर भरोसा बनाए रखा। फंड ने नई एंट्री के तौर पर Reliance Industries, JM Financial और Viyash Scientific जैसे नामों को शामिल किया है। वहीं, Steel Strips Wheels और Torrent Pharmaceuticals जैसे 8 शेयरों से फंड ने पूरी तरह एग्जिट किया है। वर्तमान में, फंड का 68% हिस्सा स्मॉल-कैप कंपनियों में लगा हुआ है।
कैश पर दांव, रिस्क कम करने की कोशिश
निवेशकों के लिए सबसे गौर करने वाली बात फंड का 12.98% हिस्सा कैश में रखना है। म्यूचुअल फंड की दुनिया में इतना ज्यादा कैश होल्ड करना एक 'डिफेंसिव' रणनीति माना जाता है। इससे फंड मैनेजर को बाजार में गिरावट के दौरान अच्छे मौके तलाशने की आजादी मिलती है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अगर बाजार में अचानक तेज रैली आती है, तो कैश अधिक होने की वजह से फंड का रिटर्न बाजार के मुकाबले थोड़ा धीमा हो सकता है।
टॉप होल्डिंग्स और स्टेबिलिटी
फंड की टॉप 10 होल्डिंग्स का कुल पोर्टफोलियो में 17.36% हिस्सा है। इसमें Sobha 2.30% के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद REC और Cholamandalam Financial Holdings का नाम आता है। Reliance Industries जैसे दिग्गज को स्मॉल-कैप पोर्टफोलियो में जगह देना एक सोची-समझी रणनीति है, जो उतार-चढ़ाव वाले बाजार में स्थिरता प्रदान करती है। सितंबर में फंड ने 1.5% की गिरावट दर्ज की है, जो बाजार के सेंटीमेंट के अनुरूप है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होनी चाहिए कि फंड मैनेजर कब कैश को निवेश में बदलते हैं, जो बाजार में रिकवरी का संकेत होगा।
